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मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं के लिए बनी स्वरोजगार की सीढ़ी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं के लिए बनी स्वरोजगार की सीढ़ी

अक्तूबर 13, मंडी (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मछली पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी अनुदान और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे युवा अपना कारोबार शुरू कर आय के नए साधन विकसित कर सकें।

मंडी जिला के जोगिंदर नगर उपमंडल के कुंड गांव निवासी उत्तम सिंह ने इस योजना का लाभ उठाकर मछली पालन शुरू किया है। वह इस व्यवसाय से सालाना करीब 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। उत्तम सिंह ने वर्ष 2025 में 62 हजार रुपये की लागत से मछली पालन के लिए तालाब बनवाया, जिसके लिए उन्हें सरकार से 49 हजार 600 रुपये का अनुदान मिला।

ओडिशा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने तालाब में मछली के दो हजार बीज डाले और व्यवसाय शुरू किया। अब वह इसे और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।