मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सड़क किनारे निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने की कार्रवाई तेज
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मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सड़क किनारे निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने की कार्रवाई तेज हरियाणा में निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने की मुहिम के अंतर्गत डीएचबीवीएन में 889 और यूएचबीवीएन में 3,333 खंभे हटाए गए अन्य खंभे हटाने का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य - विक्रम सिंह गुरुग्राम, 14 अक्टूबर 2026।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) में सड़क किनारे लंबे समय से अनुपयोगी खड़े बिजली के खंभों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मार्च 2026 को हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप निष्क्रिय खंभों की पहचान कर उन्हें हटाने और संबंधित सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निगम के स्टोर में जमा कराने का कार्य किया जा रहा है।
दोनों निगमों की सितंबर 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कुल 6,443 निष्क्रिय बिजली खंभों की पहचान की गई थी। इनमें से 4,222 खंभे हटाए जा चुके हैं, जबकि 2,221 खंभे हटाए जाने शेष हैं। यह अभियान बिजली वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित करने, सड़कों के किनारे अनुपयोगी ढांचे को हटाने और सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डीएचबीवीएन और यूएचबीवीएन की प्रगति एक नजर में विवरण | डीएचबीवीएन | यूएचबीवीएन | कुल | चिह्नित निष्क्रिय खंभे - 2,792. - 3,651. = 6,443.
हटाए गए खंभे - 889. - 3,333. = 4,222 हटाए जाने शेष - 1,903. - 318. = 2,221.
डीएचबीवीएन के रेवाड़ी और भिवानी सर्कल में सबसे अधिक खंभे लंबित डीएचबीवीएन की सर्कलवार रिपोर्ट के अनुसार, निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने के मामले में रेवाड़ी सर्कल में सबसे अधिक कार्य लंबित है। यहां 11 केवी लाइन के 795 और 33 केवी लाइन के 336 खंभे हटाए जाने बाकी हैं। भिवानी सर्कल में 11 केवी लाइन के 24 और 33 केवी लाइन के 118 खंभे हटाए जाने शेष हैं।
अन्य सर्कलों की स्थिति के अनुसार, नारनौल में 11 केवी लाइन के 39 तथा 33 केवी लाइन के 208 खंभे लंबित हैं। फतेहाबाद में 11 केवी लाइन के 194 खड़े और 9 पड़े खंभे तथा 33 केवी लाइन के 107 खड़े और 6 पड़े खंभे हटाए जाने बाकी हैं। गुरुग्राम-1 में 11 केवी लाइन के 7 और जींद में 11 केवी लाइन के 5 खंभे हटाए जाने शेष हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम-2 और सिरसा सर्कलों में खंभे हटाने का कार्य पूरा हो चुका है। शेष सर्कलों में लंबित कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। यूएचबीवीएन में 318 खंभे हटाने का काम बाकी यूएचबीवीएन की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 3,651 चिह्नित निष्क्रिय खंभों में से 3,333 हटाए जा चुके हैं।
इस प्रकार निगम ने 91 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। अब केवल 318 खंभे हटाए जाने शेष हैं। सर्कलवार विवरण में झज्जर में 33, पानीपत में 22, सोनीपत में 25 और कैथल में 57 खंभे लंबित दर्शाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और अन्य सर्कलों में दर्ज शेष खंभों को हटाने की कार्रवाई भी की जानी है।
रिपोर्ट में रोहतक सर्कल के संबंध में उल्लेख किया गया है कि 33 केवी लाइन के 112 खंभे खड़े हैं, जिन्हें भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग किए जाने की संभावना है। वहीं, करनाल में 33 केवी लाइन के 8 खंभों का उपयोग एलटी लाइन के कार्य में किए जाने की जानकारी दी गई है। 31 दिसंबर तक पूरा करना है खंभे हटाने का कार्य मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस वर्ष मार्च में हुई बैठक के कार्यवृत्त में उल्लेख किया गया था कि सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में ऐसे बिजली खंभे खड़े हैं, जो अब किसी परिचालन उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर रहे हैं।
संबंधित बिजली वितरण निगमों को जिलेवार ऐसे खंभों का विवरण तैयार करने, उन्हें हटाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निगम के स्टोर में जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। विक्रम सिंह ने कहा कि दोनों निगमों की प्रगति रिपोर्ट में शेष खंभों को हटाने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
ऐसे में संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करना होगा। शेष कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर जनसंपर्क अधिकारी संजय चुघ ने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार निष्क्रिय बिजली खंभों को हटाने के कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
दोनों बिजली वितरण निगमों में चिह्नित 6,443 खंभों में से 4,222 खंभे हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष खंभों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से सड़क किनारे अनुपयोगी बिजली ढांचे को हटाने, बिजली वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित करने तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
📡 स्रोत: NewsData.io