मुख्यमंत्री ने सहकार सदन के नवीनीकरण कार्य का किया शिलान्यास
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अगस्त 03, शिमला (हिमाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज मालरोड़ शिमला स्थित ‘सहकार सदन’ के नवीनीकरण कार्य का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। इस नवीनीकरण कार्य पर 2.85 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत इमारत की हर मंजिल को विशेष रूप से व्यवस्थित किया जाएगा।
इस नवीनीकरण से पुराने भवन को एक नया आयाम मिलेगा। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सहकार भवन के नवीनीकरण कार्य को 15 जून, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बहुमंजिला इमारत का कायाकल्प कर इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रदेश का अग्रणी सहकारी बैंक है, यह प्रदेशभर में आधुनिक और भरोसेमंद बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक की पुरानी शाखाओं और इमारतों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
परियोजना के तहत मेजनाइन फ्लोर पर आधुनिक वर्कस्टेशन और केबिन पार्टीशन तैयार किए जाएंगे और ग्राउंड फ्लोर पर नया रिसेप्शन वर्कस्टेशन और एडवांस स्क्रीनिंग एरिया बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त बेसमेंट-1 में कॉन्फ्रेंस हॉल व वर्कस्टेशन, बेसमेंट-2 में बच्चों के लिए समर्पित क्रैच क्षेत्र, बेसमेंट-3 में आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और एक व्यवस्थित स्टोरेज एलिवेशन का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक संजय अवस्थी एवं राम कुमार, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देविन्द्र श्याम, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवन्त छाजटा, बैंक के निदेशक संजय शर्मा, हरी कृष्ण हिमराल, प्रबन्ध निदेशक विनय सिंह तथा महाप्रबन्धक जीत राम भारद्वाज उपस्थित थे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सहकार सदन का नवीनीकरण शिमला के मालरोड़ में हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। यह कार्य 2.85 करोड़ रुपये के बजट में किया जा रहा है, जिसमें इमारत की हर मंजिल को व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाएगा। यह कदम हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक और प्रशासनिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों के लिए नई संभावनाएँ खोल सकता है। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।