राजनीति

मुख्यमंत्री श्री साय तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में हुए शामिल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री श्री साय तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर, 7 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा हमारे अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का पर्व है। ऐसे लोकपर्व हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आत्मीयता और समरसता को भी मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष इस पर्व को भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सभी समाजों की सहभागिता और समरसता का भाव है। हमारे तीज-त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक-दूसरे के और करीब लाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति उनके समर्पण का पर्व है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा कथा श्रवण और रात्रि जागरण करती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत तीज-त्योहारों का देश है और छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इन पर्वों की विशेष महत्ता है। एकादशी और करमा तिहार सहित हमारे अनेक पर्वों के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश निहित हैं। ये परंपराएं हमारे पूर्वजों की अमूल्य विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उनसे जुड़ी रहें।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में भाग लेने के बारे में है। तीजा और पोरा दो महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व हैं जो मातृत्व, परिवार और किसानों के प्रति सम्मान दर्शाते हैं। यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को मान्यता देने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि सरकार इन परंपराओं को संरक्षण और विकास के लिए गंभीरता से देख रही है। इससे आम जनता में गर्व और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी तथा ग्रामीण-शह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।