मुख्यमंत्री सुक्खू ने संजौली हेलीपोर्ट से रामपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को दिखाई हरी झंडी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
हमीरपुर, चंबा और पालमपुर को भी हवाई सेवा से जोड़ने की तैयारी
अक्तूबर 21, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संजौली हेलीपोर्ट से शिमला-रामपुर हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को संजौली हेलीपोर्ट से हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस सेवा के शुरू होने से रामपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, रामपुर से आगे रिकांगपिओ तक भी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी। हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध होगी. इसमें संजौली से प्रस्थान का समय सुबह 9:55 बजे होगा और रामपुर में पहुंचने का समय 10:30 बजे निर्धारित किया गया है.
यह हेलीकॉप्टर उड़ान रामपुर से रिकांगपिओ के लिए प्रातः 10:50 बजे चलेगी और रिकांगपिओ 11:25 बजे पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल के दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़ना है, ताकि लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिले और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि रामपुर में हेलीपोर्ट तैयार होने के बावजूद उड़ानें शुरू नहीं हो पाई थीं। रामपुर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनके सामने यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के समक्ष मामला उठाया और सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा, हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी को मंजूरी दी गई।
इसके बाद रामपुर के लिए नियमित उड़ान शुरू करने का रास्ता साफ हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले दिनों रामपुर के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे कहा था कि हेलीपोर्ट बनकर तैयार है, लेकिन वहां से हवाई सेवा शुरू नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से बातचीत कर रामपुर हेलीपोर्ट से उड़ानें शुरू करने का मुद्दा उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हेलीपोर्ट तैयार है, तो वहां से हवाई सेवा भी शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन में वीजीएफ की व्यवस्था होती है, जिसमें सरकार को भी आर्थिक सहयोग देना पड़ता है। प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से की राशि को स्वीकृति प्रदान की, जिससे सेवा शुरू करने में मदद मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। रामपुर के बाद हमीरपुर, चंबा और पालमपुर में भी हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।उन्होंने बताया कि इन सेवाओं को शुरू करने के लिए बातचीत चल रही है और आने वाले तीन से चार महीनों में इन्हें शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से पहुंचने में अधिक समय लगता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि गग्गल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से ₹2,400 करोड़ की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की है और इसके लिए भुगतान भी किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार से बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिल सकती है।राजधानी शिमला में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हेलीपोर्ट निर्माण के लिए जमीन तलाश रही है, लेकिन अभी तक आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है।
शिमला को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
बाईट: सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री