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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किया हेलमेट बैंक का शुभारंभ, 1000 हेलमेट से मिलेगी जरूरतमंदों को मदद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किया हेलमेट बैंक का शुभारंभ, 1000 हेलमेट से मिलेगी जरूरतमंदों को मदद

आकस्मिक जरूरत या आर्थिक परेशानी में पुलिस उपलब्ध कराएगी हेलमेट, वापस करने पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में करना होगा सहयोग

जशपुरनगर, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने हेलमेट बैंक की शुरुआत की है। बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस लाइन जशपुर में फीता काटकर इस अभिनव पहल का शुभारंभ किया। हेलमेट बैंक में फिलहाल 1000 हेलमेट रखे गए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों को अस्थायी रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नागरिकों को हेलमेट वितरित किए और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए जशपुर पुलिस की यह पहल शुरू की गई है।

जशपुर पुलिस का संकल्प है कि जिले में दोपहिया वाहन से सफर करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर हेलमेट हो। इसी सोच के साथ शुरू किए गए हेलमेट बैंक के माध्यम से यदि किसी नागरिक को अचानक किसी जरूरी काम से कहीं जाना हो और उसके पास हेलमेट उपलब्ध नहीं है या आर्थिक परेशानी के कारण वह हेलमेट नहीं खरीद पा रहा है, तो पुलिस उसे अस्थायी रूप से हेलमेट उपलब्ध कराएगी। नागरिक अपना काम पूरा करने और स्वयं का हेलमेट खरीदने के बाद पुलिस को दिया गया हेलमेट वापस कर सकेंगे।

इस पहल की खास बात यह है कि हेलमेट वापस करने वाले व्यक्ति को जशपुर पुलिस के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़ी एक छोटी जनसेवा गतिविधि में भी भाग लेना होगा। इसके जरिए आम नागरिक भी सड़क सुरक्षा का संदेश दूसरों तक पहुंचाने में सहभागी बनेंगे।

बिना हेलमेट पकड़े जाने पर हेलमेट खरीदने का विकल्प

जशपुर पुलिस द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने वाले लोगों को भी जागरूक करने के लिए अलग पहल की जा रही है। ऐसे वाहन चालकों के वाहन जब्त किए जा रहे हैं। हालांकि, नया हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद प्रस्तुत करने पर बिना चालानी कार्रवाई किए वाहन वापस किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि लोगों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना है।

गांव-गांव और स्कूल-कॉलेजों तक पहुंच रहा जागरूकता अभियान

हेलमेट बैंक के साथ जशपुर पुलिस जिलेभर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चला रही है। हेलमेट रैली निकालने के साथ स्कूल-कॉलेजों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को स्वयं हेलमेट पहनने, पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाने, निर्धारित गति में वाहन चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने, नशे में वाहन नहीं चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने जैसे सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल होकर लौटे जशपुर पुलिस के पुलिस मितानों से भी सौजन्य भेंट की और उनके सहभागिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

जशपुर पुलिस का लक्ष्य है कि हेलमेट पहनना केवल चालानी कार्रवाई से बचने की मजबूरी न रहे, बल्कि प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक की आदत बने। इसी संदेश के साथ पुलिस ने 'हर हेड में हो हेलमेट' का संकल्प लिया है।

जशपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना और लोगों की जान बचाना है। इसी उद्देश्य से हेलमेट बैंक की शुरुआत की गई है। इसमें 1000 हेलमेट रखे गए हैं, जिन्हें आकस्मिक जरूरत या आर्थिक परेशानी के समय नागरिकों को अस्थायी रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। हेलमेट वापस करते समय संबंधित व्यक्ति को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में भी सहयोग करना होगा। हमारा प्रयास है कि जिले का हर दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने की आदत अपनाए। हमारा संकल्प है 'हर हेड में हो हेलमेट'।

बाइट - डॉ लाल उमेद सिंह एसएसपी जशपुर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।