मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना:भुगतान रोका तो 899 ट्रकों के पहिए थमे, अटक सकता है 22 हजार दुकानों का राशन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मप्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का खाद्यान्न उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाने वाली मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के 899 ट्रकों के पहिए एक बार फिर पूरी तरह थम गए हैं। बीते एक साल के भीतर यह तीसरा मौका है जब प्रशासनिक स्तर पर इन अनुबंधित ट्रकों का भाड़ा भुगतान अटकाया गया है।
वर्तमान में जुलाई और अगस्त माह का भुगतान पूरी तरह लंबित है। जिलों में औसतन 50 से 70 लाख रुपये का भुगतान अटका पड़ा है। युवाओं के सामने अब गाड़ियों में डीजल भरवाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। इसके उलट खाद्य विभाग द्वारा पिछला भुगतान किए बिना ही जिलों में अक्टूबर माह के आवंटन के उठाव के आदेश जारी किए जा रहे हैं।
लगातार भुगतान रुकने और भाड़ा दरों में कोई संशोधन न होने से नाराज प्रदेश के सभी 55 जिलों के परिवहनकर्ताओं ने खाद्यान्न परिवहन का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। ट्रांसपोर्टर्स के इस कड़े फैसले से अगले महीने प्रदेश भर की 22 हजार से अधिक राशन दुकानों पर गरीबों का अनाज वितरण पूरी तरह अटकने की नौबत आ गई है।
हम्मालों को 12.50 रु.
के मुकाबले 16 रु.
देने पड़ रहे ट्रांसपोर्टस का कहना है कि 10 किमी की तय परिधि के बजाय 20 से 25 किमी तक गाड़ियां दौड़वाई जा रही हैं। लोडिंग-अनलोडिंग के लिए मिलने वाले 12.50 रुपए के मुकाबले मौके पर हम्मालों को 16 रुपए देने पड़ रहे हैं। किस्त, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस के बाद युवाओं के पास महीने में 10-12 हजार रुपए भी नहीं बच पा रहे। पिछले साल अगस्त में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन ट्रांसपोर्टर्स ने 30 दिन में तीन महीने का राशन दुकानों तक पहुंचाया था, लेकिन उस समय भी दो महीने का भुगतान रोक दिया गया था।
📡 स्रोत: NewsData.io