मुरादाबाद में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को भेजा पत्र:पुरानी पेंशन, TET अनिवार्यता खत्म करने और निजीकरण रोकने की मांग
मुरादाबाद में ऑल टीचर्स इम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (ATEWA) ने शिक्षकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आज प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। संगठन ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
एसोसिएशन ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू की गई थी। इससे देशभर में लगभग एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी प्रभावित हुए हैं। NPS के कारण कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना है।
TET की अनिवार्यता से छूट देने की मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता लागू करना व्यावहारिक नहीं है। इस प्रावधान से देशभर में 25 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
संगठन ने ऐसे लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, संगठन ने सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर भी चिंता व्यक्त की है। पदाधिकारियों का कहना है कि निजीकरण बढ़ने से जवाबदेही प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर जनता और युवाओं पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से इन तीनों मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
📡 स्रोत: NewsData.io