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मुरैना- चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर लगेगी लगाम, निगरानी के लिए एआई टॉवर और 16 वन चौकियां स्थापित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुरैना- चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर लगेगी लगाम, निगरानी के लिए एआई टॉवर और 16 वन चौकियां स्थापित

मुरैना में राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की समीक्षा के लिए केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के सदस्य सुनील लिमये ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

बैठक में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान अभयारण्य क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों तथा निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई। अभयारण्य क्षेत्र में निगरानी के लिए एआई टॉवर स्थापित किया गया है।

इसके अलावा नदी घाटों से गांवों तक आने वाले 16 मार्गों पर वन चौकियां बनाई गई हैं। प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना भी तैयार की गई है, जिससे रेत के परिवहन पर नजर रखने और अवैध गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिल सके। वहीं, वैध स्रोतों से लाई गई आठ लाख क्यूबिक मीटर रेत का मुरैना में भंडारण किया गया है।

रेत की उपलब्धता और परिवहन व्यवस्था से जुड़े इन उपायों को अवैध खनन पर नियंत्रण के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की समीक्षा के बाद केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति 4 नवंबर को शीर्ष अदालत में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट में अभयारण्य क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था और अवैध रेत खनन रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों से संबंधित जानकारी शामिल होगी।

बाइट-1: लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर, मुरैना

बाइट-2: सूरज वर्मा, पुलिस अधीक्षक, भिण्ड

बाइट-3: श्याम सिंह चौहान, अधीक्षक, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य, मुरैना

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चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन रोकने के प्रयास तेज

निगरानी के लिए एआई टॉवर और 16 मार्गों पर वन चौकियां स्थापित

प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी

वैध स्रोतों से लाई गई आठ लाख क्यूबिक मीटर रेत का मुरैना में भंडारण

चार नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।