राजनीति

मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का जलवा, छठे नंबर पर TMC का बागी गुट, ममता बनर्जी का जानें हाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का जलवा, छठे नंबर पर TMC का बागी गुट, ममता बनर्जी का जानें हाल

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी लगातार आगे चल रही है. एजीयूपी प्रमुख हुमांयू कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद दूसरे स्थान पर हैं.

मुस्लिम बहुल यह सीट हुमांयू कबीर का गढ़ माना जाता है. रेजीनगर में 65 फीसदी मुस्लिम हैं.

दो राउंड की काउंटिंग के बाद बीजेपी के शाखारव सरकार वोटों से आगे हैं. उन्हें 20415 वोट मिले हैं.

गुलाम नबी आजाद को 3865 वोट मिले हैं.

वहीं कांग्रेस के मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को 1291 और ममता बनर्जी की टीएमसी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी को 753 वोट मिले हैं.

छठे स्थान पर टीएमसी का बागी गुट

पांचवें स्थान पर 541 वोटों के साथ लेफ्ट के उम्मीदवार सैयद असद अली हैं. बागी ऋतब्रत बनर्जी की पार्टी के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख छठे स्थान पर हैं.

विधानसभा चुनाव में हुमांयू कबीर ने रेजीनगर और नौदा सीट से जीत दर्ज की थी. इसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया. अब यहां चुनाव हो रहे हैं.

बीजेपी नंदीग्राम सीट से भी लगातार आगे चल रही है. यहां टीएमसी का बागी गुट पांचवें स्थान पर है. चार राउंड की काउंटिंग के बाद बीजेपी की उम्मीदवार को 43655 वोट मिले हैं.

कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 11712 वोट मिले हैं. लेफ्ट तीसरे स्थान पर है.

यहां ममता बनर्जी के उम्मीदवार ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी.

बता दें की विधानसभा चुनाव रिजल्ट के बाद टीएमसी में बगावत हो गई थी.

ऋतब्रत बनर्जी ने विधायकों के साथ अलग गुट बना लिए. अब विधानसभा उप-चुनाव में बड़ा झटका लगता दिख रहा है.

सीएम का गढ़ है नंदीग्राम

नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. उन्होंने भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की थी. यहां उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था.

जीत के बाद भवानीपुर से ही विधायक रहने का फैसला किया. ऐसे में नंदीग्राम में चुनाव हुए.

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📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

रेजीनगर विधानसभा सीट, जहाँ मुस्लिम आबादी 65% है, पर बीजेपी ने लगातार आगे रहकर 20,415 वोटों से जीत दर्ज की है। यह सीट ऐतिहासिक रूप से हुमांयू कबीर के गढ़ के रूप में मानी जाती है, जबकि विपक्षी दलों के बीच विभाजन स्पष्ट दिखाई देता है। यह घटना पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में BJP के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है, जो क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव का संकेत देती है। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि मुस्लिम समुदाय के हितों पर नया राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है, और चुनावी रणनीतियों में बदलाव के कारण सा

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