अपराध

नाबालिग के यौन शोषण-हत्या मामले में भड़के राहुल गांधी, अमित शाह से पूछे सवाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नाबालिग के यौन शोषण-हत्या मामले में भड़के राहुल गांधी, अमित शाह से पूछे सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश की राजधानी नई दिल्ली में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक यौन शोषण और उसकी हत्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है.

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनाकर रह गई है. उन्होंने सवाल उठाया कि अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है. महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

मामले पर राहुल गांधी ने X पोस्ट में क्या कहा?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस संबंध में शुक्रवार (18 सितंबर, 2026) को शाम करीब साढ़े 7 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया.

पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया. राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती.

दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है.

उन्होंने कहा, अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है.

महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं.

दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।

दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।

अमित शाह जी, दिल्ली

Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026

📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर नाबालिग के यौन शोषण-हत्या के मामले में राहुल गांधी द्वारा विपक्षी नेता अमित शाह पर सवाल उठाने के बारे में है। यह विषय महिलाओं की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन की जवाबदेही से जुड़ा है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिल्ली में बढ़ते लैंगिक अपराधों के प्रति सरकार की नीतियों पर प्रकाश डालता है और जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग सुरक्षा व्यवस्था के प्रति चिंतित हों, पुलिस के काम पर सवाल उठें और महिलाओं के अधिकारों के लिए जागरूकता बढ़े।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

नाबालिग की सुरक्षा के लिए समाज को जागरूकता और सहानुभूति की आवश्यकता है। जब हिंसा या शोषण का सामना हो, तो तुरंत पुलिस, बाल संरक्षण बोर्ड और कानूनी सहायता से संपर्क करें। समाज को एकजुट होकर सुरक्षित वातावरण बनाना चाहिए—साक्ष्य सुरक्षित रखें, गवाहों को सहयोग दें और पीड़ित को मानसिक समर्थन दें। केवल दया नहीं, बल्कि ठोस कदमों से ही हम भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

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