नगर निगम ने गृहकर बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज खत्म किया:प्रयागराज में 1.25 लाख भवन स्वामियों को राहत, अब 12% सालाना ब्याज लगेगा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →प्रयागराज में गृहकर का बकाया बढ़ने से परेशान भवन स्वामियों को नगर निगम ने राहत दी है। अब बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज का बोझ नहीं बढ़ेगा। नगर निगम ने ब्याज की व्यवस्था बदली है और चक्रवृद्धि ब्याज को खत्म कर दिया है। इसका सीधा फायदा शहर के करीब 1.25 लाख से ज्यादा भवन स्वामियों को मिलने की उम्मीद है।
शुक्रवार को नगर निगम के मिनी सदन की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। बैठक में मेयर, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। नए नियम के तहत, बकाया गृहकर पर अब ब्याज की गिनती सालाना दर पर होगी। इससे लंबे समय से बकाया कर पर ब्याज के ऊपर ब्याज नहीं जुड़ेगा।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई ने बताया कि पहले गृहकर बकाया होने पर ब्याज की गिनती ऐसी व्यवस्था में होती थी, जिससे समय के साथ देनदारी बढ़ती जाती थी। अब भवन स्वामियों को एक साल के बकाये पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। यानी ब्याज की दर हर महीने एक प्रतिशत रहेगी, लेकिन उस पर दोबारा ब्याज नहीं लगेगा।
नगर निगम ने बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) भी शुरू की है। इसके तहत गृहकर के साथ पानी और सीवर के बकाये पर लगने वाला ब्याज पूरी तरह माफ होगा। इससे उन भवन स्वामियों को खास राहत मिलेगी, जिनका मूल कर लंबे समय से जमा नहीं हो पाया था और ब्याज जुड़ने से बकाया रकम लगातार बढ़ रही थी।
मेयर ने इस फैसले को जनता के हित में एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि करदाताओं को राहत देने के साथ नगर निगम राजस्व व्यवस्था को भी आसान बनाना चाहता है। बैठक में पार्षद शिव सेवक सिंह, विनय मिश्र सिंटू, मीनू तिवारी, आनंद घिल्डियाल और भोला तिवारी समेत कई पार्षदों ने प्रस्ताव का स्वागत किया।
इस फैसले से बकायेदारों को पुराना कर चुकाने और कर व्यवस्था से जुड़ने में राहत मिलने की उम्मीद है।
📡 स्रोत: NewsData.io