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नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे स्व. बाबूजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे स्व. बाबूजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है। प्रत्येक मनुष्य के कार्यों का मूल्यांकन आने वाली पीढ़ियां करती हैं। जननेता और समाजसेवी स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने देश की आजादी के कालखंड में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए अपना अमूल्य योगदान दिया।

उन्होंने युवा अवस्था में स्वतंत्रता के समर में सहभागिता के लिए अपने साथियों को प्रेरित किया। स्व. बाबूजी ने स्व. मावधराव सिंधिया के साथ नगर निगम से लेकर विधानसभा तक की यात्रा तय की। वे जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे। स्व. बाबूजी ने ग्वालियर क्षेत्र के लिए कार्य करते हुए समाजसेवा की मिसाल पेश की।

स्व. बाबूजी ने विद्यार्थी काल में दूसरे बच्चों को कुश्ती खेलने के लिए प्रेरित किया। ग्वालियर में स्थापित बाबूजी की प्रतिमा सभी को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करती रहेगी। केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए अत्यंत भावुक है।

स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने ग्वालियर विधायक के रूप में मेरे पिता के साथ काम किया। बाबूजी ने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम किया। बाल्यकाल से ही उनका सानिध्य मिलता रहा। उन्होंने 14 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता सेनानियों की सेवा की।

स्व. बाबूजी ने कृषि संकाय की पढ़ाई करने के बाद किसान कल्याण और समाज कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य किए। वे मन के बड़े कोमल थे, लेकिन अपने उसूलों पर अडिग रहते थे। बाबूजी एक सच्चे समाजसेवक थे और ग्वालियर के लोगों के लिए सदैव प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से आज यह दिन आया है कि ग्वालियर में स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी की प्रतिमा स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव सत्य के साथ खड़े रहते हैं।

म.प्र. विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने अपने जीवनकाल में मजदूरों के कल्याण के लिए बड़ा संघर्ष किया। उनके साथ निगम पार्षद के रूप में कार्य करना अविस्मरणीय है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।