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नगरीय क्षेत्रों में होंगे जरूरी विकास कार्य, जिला कलक्टर ने दिए प्रभावी उपयोग के निर्देश

लेखक: DD Jaipur अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नगरीय क्षेत्रों में होंगे जरूरी विकास कार्य, जिला कलक्टर ने दिए प्रभावी उपयोग के निर्देश

कोटपूतली-बहरोड़ में राज्य वित्त आयोग के तहत नगरीय निकायों को मिली राशि से जरूरी जनोपयोगी विकास कार्य कराए जाएंगे। जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने वीसी के जरिए बैठक लेकर राशि के पारदर्शी उपयोग और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

कोटपूतली-बहरोड़, 18 अगस्त। जिले के नगरीय क्षेत्रों में आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत मिली राशि से आवश्यक विकास कार्य करवाए जाएंगे। इस संबंध में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की सभी नगरीय निकायों और उपखंड अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में जिला कलक्टर ने स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप राज्य वित्त आयोग के तहत उपलब्ध कराई गई राशि के जनहित में प्रभावी और समुचित उपयोग को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला कलक्टर ने बताया कि राज्य वित्त आयोग मद के तहत अत्यावश्यक जनोपयोगी विकास कार्यों के लिए जिले की नगर पालिकाओं को एक-एक करोड़ रुपये तथा नगर परिषदों को तीन-तीन करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस राशि का उपयोग ऐसे कार्यों पर किया जाए, जिनका सीधा और त्वरित लाभ आमजन को मिल सके।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का चयन स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सरकारी राशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो और लंबे समय तक आमजन को उसका लाभ मिल सके।

प्राथमिकता के आधार पर होंगे कार्यों का चयन

राशि के समुचित उपयोग और विकास कार्यों के प्रभावी चयन के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर और संबंधित उपखंड अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।

समिति नगरीय निकायों की ओर से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्तावों का परीक्षण और विश्लेषण करेगी। इसके बाद स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर अत्यावश्यक जनोपयोगी कार्यों का चयन किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और स्वीकृत राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता की जांच पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

राज्य वित्त आयोग के तहत उपलब्ध कराई गई यह राशि नगरीय क्षेत्रों में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। प्रशासन का जोर ऐसे कार्यों पर है, जिनसे शहरों और कस्बों में रहने वाले लोगों को सीधे तौर पर राहत और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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