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नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग की 19वीं बैठक की सह-अध्यक्षता

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग की 19वीं बैठक की सह-अध्यक्षता

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने कहा है कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’, ‘विज़न महासागर’ और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण में वियतनाम प्रमुख भागीदार है। नई दिल्ली में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग की 19वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे में वियतनाम महत्वपूर्ण साझेदार है।

उन्होंने कहा कि यह बैठक समझौतों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और दोनों देशों के लिए शीर्ष स्तर की राजनीतिक गतिशीलता को ठोस और वास्तविक परिणामों में बदलने का अवसर है। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन वर्ष पहले संयुक्त आयोग की पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में बहुत प्रगति हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नेताओं की यात्राओं ने आपसी संबंधों को ‘उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाने में मदद की है।

डॉ. जयशंकर ने वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआंग ट्रुंग के साथ बैठक भी की। इसमें उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की। दोनों देश राजनयिक संबंधों के 55 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अगले वर्ष ‘भारत-वियतनाम मित्रता वर्ष’ के रूप में मनाने पर सहमत हुए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत और वियतनाम के बीच व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित 19वीं संयुक्त आयोग की बैठक के सह-अध्यक्षता के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘विज़न महासागर’ के तहत वियतनाम एक प्रमुख साझेदार है। यह विषय भारत की हिंद‑प्रशांत रणनीति के भीतर एशियाई सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। खबर का महत्व इस बात में है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक बंधन गहरे हो रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ेगी। आम जनता पर इसका असर बेहतर व्यापारिक अवसरों, रोजग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।