नाइजीरिया की वायुसेना का ATR-42 विमान क्रैश, 32 लोगों की मौत
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Date- 6 OCt 2026, Delhi
नाइजीरिया ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी राज्य ओंडो में 32 लोगों को ले जा रहे एक सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद तीन दिन के शोक की घोषणा की। नाइजीरियाई अधिकारियों के अनुसार, नाइजीरियाई वायु सेना का ATR-42 विमान सोमवार को इग्बोकोडा में एक नौसैनिक अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बेनिन सिटी से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का विमान से संपर्क टूट गया था। इस हादसे में विमान में सवार सात क्रू सदस्यों समेत कुल 32 लोगों की मौत हो गई।
राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने इस घटना के बाद नाइजीरियाई ध्वज को आधा झुकाने का आदेश दिया है। न्यूज एजेंसी ऑफ नाइजीरिया की रिपोर्ट के अनुसार, एनएएफ मुख्यालय में जनसंपर्क और सूचना निदेशक, एयर कमोडोर एहिमेन एजोडेम ने बताया कि विमान बेनिन से लागोस के लिए एक नियमित मिशन पर था, तभी यह हादसा हुआ। नाइजीरिया के एविएशन और एयरोस्पेस डेवलपमेंट मंत्री फेस्टस केयामो ने भी हादसे की पुष्टि की है।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में केयामो ने कहा कि एनजीआर 931 टेल नंबर वाला विमान बेनिन से लागोस जा रहा था। सुबह करीब 9:13 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का विमान से संपर्क टूट गया, जिसके बाद वह लापता हो गया। उन्होंने कहा कि रेडियो के जरिए विमान से दोबारा संपर्क करने की सभी कोशिशें नाकाम रहीं। मंत्री ने बताया कि बाद में पुष्टि हुई कि विमान इग्बोकोडा में नेवल बेस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान का मलबा मिल गया है और सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
न्यूज एजेंसी ऑफ नाइजीरिया के अनुसार, नाइजीरिया के रक्षा मंत्री जनरल क्रिस्टोफर मूसा ने सशस्त्र बलों के जवानों को ले जा रहे सैन्य विमान एनजीआर 931 के दुर्घटनाग्रस्त होने पर गहरा दुख जताया है। मूसा ने सोमवार को अबुजा में जारी एक बयान में कहा कि इस हादसे में उन अधिकारियों और वायुसेना कर्मियों की जान चली गई, जो देश की सेवा करते हुए नियमित उड़ान मिशन पर थे। उन्होंने कहा, “इस दर्दनाक हादसे में हमारे बहादुर अधिकारियों और वायुसेना कर्मियों की जान चली गई। वे हिम्मत, पूरी लगन और देश के प्रति निस्वार्थ भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नियमित उड़ान मिशन पर थे।”
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद दुर्घटना से हमें यह याद दिलाता है कि सुरक्षा और मानवीय जिम्मेदारी को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। जब किसी भी संस्था या व्यक्ति को जोखिम का सामना करना पड़े, तो पारदर्शिता और त्वरित प्रतिक्रिया सबसे अहम है। समाज को चाहिए कि वह आपदाओं के समय एकजुट होकर सहायता करे, न कि दोषारोपण करे। इस त्रासदी में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और उनके शोक में साथ देने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं।