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नक्सल गतिविधियों में कमी के बाद कान्हा में बढ़ी वन अमले की गश्त, पर्यटन को भी मिला बढ़ावा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नक्सल गतिविधियों में कमी के बाद कान्हा में बढ़ी वन अमले की गश्त, पर्यटन को भी मिला बढ़ावा

दिन-रात पेट्रोलिंग के साथ एम-स्ट्राइप से पैदल निगरानी तेज

कान्हा, मुक्की और सरही में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही, स्थानीय रोजगार को भी गति

मंडला, अक्टूबर 06 जिले में नक्सल गतिविधियों में कमी के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में वन अमले की फील्ड गतिविधियां बढ़ी हैं। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रिजर्व के विभिन्न हिस्सों में नियमित निगरानी और गश्त कर रहे हैं। दिन के साथ रात में भी रेंज ऑफिसर, एस.डी.ओ और फील्ड स्टाफ की टीमें पेट्रोलिंग कर रही हैं।

एम-स्ट्राइप पेट्रोलिंग के माध्यम से पैदल गश्त को भी प्रभावी बनाया गया है। वन विभाग के अनुसार, कान्हा में पैदल पेट्रोलिंग लगातार की जा रही है। बदलाव का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। कान्हा, मुक्की और सरही क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। पर्यटन से जुड़े स्थानीय रोजगार भी संचालित हो रहे हैं।

बफर क्षेत्र से लगे गांवों में ग्रामीण बैठकें और विकास गतिविधियां जारी हैं।

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बाइट पी.के. वर्मा, उप संचालक (कोर), कान्हा टाइगर रिजर्व

बाइट चन्द्रेश खरे, वन्य प्राणी अभिरक्षक, मंडला

बाइट शिवम मेहता, वन्य जीव प्रेमी, मंडला

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।