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नक्सल मुक्त बालाघाट में तेजी से बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं, राहुल गांधी के दौरे पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा—कठिन समय में साथ खड़े होते तो संवेदनशीलता दिखती, देखें वीडियो

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

भोपाल। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे बालाघाट को नक्सल मुक्त बनाने के बाद सरकार का ध्यान अब क्षेत्र के लोगों को विकास और नागरिक सुविधाओं की मुख्यधारा से जोड़ने पर है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बालाघाट के दूरस्थ और अधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 14 नए स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 10 उप-स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो कम्युनिटी हेल्थ सेंटर शामिल हैं। बैहर और बिरसा क्षेत्र के सोनगुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरों वाले कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के माध्यम से दूरस्थ आबादी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 3,100 से अधिक बॉन्डेड डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है, जिनमें से 2,600 से अधिक डॉक्टर ज्वॉइन कर चुके हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निःशुल्क जांच और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बालाघाट में संस्थागत प्रसव का स्तर वर्ष 2003 से पहले के 21 प्रतिशत से बढ़कर अब 92 प्रतिशत हो गया है। वहीं प्रसवपूर्व जांच का कवरेज 52 प्रतिशत से बढ़कर 89.8 प्रतिशत हुआ है। टीकाकरण, आयरन एवं अन्य आवश्यक दवाइयों के वितरण तथा आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास सेवाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए शुक्ल ने बताया कि चार नए सीडीपीओ की पदस्थापना की गई है तथा 51 से अधिक अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की व्यवस्था की गई है। इनके माध्यम से महिलाओं और बच्चों तक पोषण एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भी स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय बाद बालाघाट आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है और कठिन परिस्थितियों के दौरान क्षेत्र के लोगों के साथ खड़ा होना महत्वपूर्ण था। शुक्ल ने कहा कि यदि ऐसे समय में वहां पहुंचकर लोगों के साथ खड़े होते तो संवेदनशीलता का संदेश अधिक स्पष्ट होता।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब क्षेत्र में कार्यक्रम तय करना राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्षों पुरानी नक्सल समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया है और अब सरकार का ध्यान क्षेत्र को तेजी से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उनका कहना है कि उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना नहीं, बल्कि वर्षों तक विकास से दूर रहे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल विकास और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मुख्यधारा से जोड़ना है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में बताया गया है कि नक्सल मुक्त बालाघाट में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास जैसी सुविधाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नक्सल से प्रभावित क्षेत्र में अब सुरक्षा बनी है और सरकार का ध्यान विकास पर स्थानांतरित हो गया है। इससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा मिल रही है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।