नालंदा में 15 सितंबर से 361 सरकारी जलकरों की नीलामी:14 प्रखंडों के 361 जलकरों की बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू, जून 2027 तक के लिए मिलेगा पट्टा
नालंदा में मछली पालन को प्रोत्साहित करने और सरकारी राजस्व को गति देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग ने 14 प्रखंडों के 361 सरकारी जलकरों (तालाब-आहर) की बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। नीलामी की यह प्रक्रिया आगामी 15 सितंबर से प्रारंभ होगी।
इस बार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए जलकरों का पट्टा सामान्य 5 वर्षों के बजाय केवल एक साल (जून 2027 तक) के लिए ही दिया जाएगा।
पूर्व में अतिक्रमण और सूखे की मार के चलते समितियों की ओर से रुचि न दिखाने के बाद विभाग ने नए सिरे से यह अल्पकालिक बंदोबस्ती कराने का फैसला किया है। प्रक्रिया के तहत विभाग त्रिस्तरीय व्यवस्था अपनाएगा, जिसमें प्राथमिकता प्रखंड की मत्स्यजीवी सहयोग समिति को दी जाएगी।
उनके इनकार करने पर समिति सदस्यों के बीच सीमित डाक और अंत में आम लोगों के लिए खुली डाक का आयोजन होगा।
जलकर का किराया औसतन 142 रुपये प्रति किलो उत्पादन दर के आधार पर तय किया गया है, जिसमें समितियों को कुल उत्पादन राशि का मात्र 10 प्रतिशत दो किस्तों में चुकाने की सहूलियत मिलेगी, जबकि खुली डाक में अधिकतम बोली लगाने वाले को अधिकार मिलेगा। नीलामी दो चरणों में होगी नीलामी दो चरणों में जिला मत्स्य कार्यालय में संपन्न होगी।
पहले चरण में नगरनौसा, कतरीसराय, हिलसा, बेन, बिहारशरीफ, नूरसराय, करायपरसुराय, इस्लामपुर, रहुई और हरनौत प्रखंडों के 262 जलकरों के लिए 15, 17 व 19 सितंबर को सीमित डाक और शेष रहे जलकरों के लिए 21, 23 व 25 सितंबर को खुली डाक आयोजित होगी।
वहीं दूसरे चरण में गिरियक, राजगीर, सरमेरा और चंडी प्रखंडों के 99 जलकरों के लिए 22 से 24 सितंबर तक सीमित डाक एवं 28 से 30 सितंबर तक खुली डाक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु प्रसाद के अनुसार पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io