राजनीति

नाम परिवर्तन की मांग को लेकर ओबेदुल्लागंज में चक्का जाम, नगरवासियों ने जताया विरोध

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नाम परिवर्तन की मांग को लेकर ओबेदुल्लागंज में चक्का जाम, नगरवासियों ने जताया विरोध

ओबेदुल्लागंज। नगर का नाम परिवर्तन किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को नगरवासियों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर की जनता वर्तमान नाम ओबेदुल्लागंज से सहमत नहीं है और लंबे समय से नगर का नाम बदले जाने की मांग उठाती आ रही है।

प्रदर्शन के दौरान राहुल राजपूत ने कहा कि नगर पर यह नाम थोपा गया है। उनके अनुसार नाम परिवर्तन को लेकर शासन-प्रशासन को आवेदन और निवेदन किए जा चुके हैं, लेकिन करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा भी ओबेदुल्लागंज का नाम परिवर्तन किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण नगरवासियों ने सड़क पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान नगर में स्थायी गौशाला बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।

प्रदर्शन में राहुल राजपूत, रॉबिन अग्रवाल, चिराग शर्मा, शिवराज धाकड़, अभिषेक सेन, माखन यादव, मुकेश जोशी, चीकू पंडित, मनीष जोशी, संतोष अहिरवार, गोलू मालवीय, गजराज मीणा, मुकेश कर, गंभीर राजपूत, कमलेश राजपूत, रितिक राजपूत, सुरेश मेहरा, अमृत धाकड़, बच्चन लोधी, कमलेश मेघानी, मोहित मेघानी, रॉकी जी, नंदकिशोर पंडित जी, सोनू प्रजापति, प्रिंशु नागर, ईश्वरी सेन, मयंक, अनुज, अजय, रितेश, अनुज लला पाण्डेय, अनिल यादव, स्वरूप राजपूत, दशरथ राजपूत, पंकज नागर, राजेश वर्मा, आकाश केवट, नितिन, महेश, अंकित शर्मा, ओम प्रकाश राजपूत, अनूप राजपूत, जगदीश यादव, निलेश सहित अनेक नगरवासी उपस्थित रहे।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम का एक दूसरा पहलू भी चर्चा का विषय है। नगर के विकास से जुड़े मुद्दों के लिए आंदोलन किए जाने के बजाय नाम परिवर्तन को लेकर सड़क पर उतरना कई लोगों को आश्चर्य में डाल सकता है। सवाल यह भी है कि क्या केवल नगर का नाम बदलने से वहां विकास की तस्वीर बदल जाएगी? क्या नाम बदलने से बड़े सरकारी स्कूल, बेहतर अस्पताल, रोजगार के अवसर, सड़कें और अन्य जरूरी सुविधाएं अपने आप उपलब्ध हो जाएंगी?

नाम परिवर्तन की मांग अपनी जगह हो सकती है, लेकिन नगर के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों को भी उतनी ही मजबूती से उठाया जाना जरूरी है। आखिर किसी भी शहर या नगर की पहचान केवल उसके नाम से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं से बनती है।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।