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नाना पाटेकर ने लखनऊ में किया था आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम:शार्ट मूवी स्कै फाइल डिजिटल अरेस्ट का मुख्यमंत्री की मौजूदगी में लोकभवन में किया था लोकार्पण

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नाना पाटेकर ने लखनऊ में किया था आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम:शार्ट मूवी स्कै फाइल डिजिटल अरेस्ट का मुख्यमंत्री की मौजूदगी में लोकभवन में किया था लोकार्पण

पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर डीजीपी राजीव कृष्ण और उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राजीव कृष्ण ने शोक संदेश में कहा कि पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। अपने सशक्त एवं बहुआयामी अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा में विशिष्ट पहचान बनाई और दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ी।

नाना पाटेकर ने आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम दो महीने पहले लखनऊ में किया था। उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक घटना पर आधारित यूपी पुलिस की साइबर जागरूकता लघु फिल्म Scam Files: Digital Arrest में उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति हमेशा याद रहेगी। लखनऊ में फिल्म के लोकार्पण समारोह में उनकी मौजूदगी के लिए वे हृदय से आभारी हैं।

वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ उनकी यह अंतिम सार्वजनिक प्रस्तुति यूपी पुलिस के लिए सदैव याद रहेगी। अगस्त में आए थे लखनऊ नाना पाटेकर 14 अगस्त को लखनऊ आये थे। यहां लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यूपी पुलिस की ओर से साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता प्रयासों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना कर चुके थे।

डीजीपी ने कहा कि उनके निधन से भारतीय सिनेमा और कला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। अभिनय के साथ उन्होंने सामाजिक सरोकारों के जरिए समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई। फिल्म को मिले थे लगभग दो करोड़ व्यूज़ फिल्म को मिले कितने व्यूज ‘Scam Files: Digital Arrest’ वास्तविक घटना पर आधारित है।

इसमें नाना पाटेकर ने प्रभावशाली भूमिका निभाई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगभग 25 लाख व्यूज और 57 हजार लाइक्स दर्ज हुए। अन्य डिजिटल माध्यमों पर करीब 1.65 करोड़ अतिरिक्त व्यूज मिले। सभी माध्यमों को मिलाकर फिल्म को अब तक लगभग 1.90 करोड़ व्यूज मिल चुके हैं। क्या था फिल्म का संदेश फिल्म के जरिए यह संदेश दिया गया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है।

पुलिस, सीबीआई, न्यायालय या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर डराकर पैसे मांगना साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए। डीजीपी ने कहा कि इस जन-जागरूकता अभियान से जुड़कर नाना पाटेकर ने साइबर अपराध के खिलाफ संदेश को बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

उनकी सहभागिता यूपी पुलिस के लिए हमेशा याद की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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