अपराध

नाना पाटेकर की मौत कार्डियक अरेस्ट से, डॉक्टर ने दिया आखिरी पलों का पूरा ब्योरा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नाना पाटेकर की मौत कार्डियक अरेस्ट से, डॉक्टर ने दिया आखिरी पलों का पूरा ब्योरा

DATE- 8 OCT 2026, dELHI

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ। गोवा के मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के चीफ डॉ. शेखर सालकर ने इसकी पुष्टि की। गुरुवार तड़के एक्टर को उनके गोवा स्थित घर से बेसुध अवस्था में हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दोस्त को रात 2:30 बजे भेजा मैसेज, सुबह 4 बजे घर पहुंचे

डॉ. सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर ने रात करीब 2:30 बजे एक दोस्त को मैसेज भेजा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात होने के कारण दोस्त ने मैसेज नहीं देखा और बाद में फोन किया। सुबह करीब 4 बजे दोस्त उनके घर पहुंचा। उस समय एक्टर को पसीना आ रहा था और वे धीरे-धीरे बेहोश हो रहे थे। दोस्त ने उन्हें संभाला और शुरुआती मदद की। इसके बाद केयरटेकर को एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजा गया। इमरजेंसी टीम भी घर पहुंची और एक्टर को पूरी तरह बेसुध पाकर तुरंत CPR शुरू किया।

हॉस्पिटल में 45 मिनट से एक घंटे तक चले प्रयास

डॉक्टर ने बताया कि सुबह करीब 4:20 या 4:30 बजे एक्टर को मणिपाल हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। ER टीम ने कार्डियक मसाज शुरू की और मेडिकल टीम ने उन्हें होश में लाने के लिए लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक पूरी कोशिश की, लेकिन वे मृत अवस्था में ही लाए गए थे। उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉ. सालकर ने कहा, “जब हमारी ER टीम वहां पहुंची, तो उन्होंने कार्डियक मसाज शुरू की क्योंकि वे पूरी तरह बेसुध थे। हमने भी पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था।”

मेडिको-लीगल केस दर्ज, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव

मौत के बाद पुलिस में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उस समय परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे। केवल उनके दोस्त और एक केयरटेकर उनके साथ थे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नाना पाटेकर, भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा के मणिपाल हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। यह विषय उनकी अचानक मृत्यु और उसके पीछे के चिकित्सीय विवरण पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि पाटेकर ने भारतीय सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएँ निभाई हैं और उनकी मृत्यु ने उद्योग और प्रशंसकों में गहरा आघात पहुँचाया है। आम जनता पर इसका असर भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ स्वास्थ्य चेतना बढ़ाने की प्रेरणा हो सकता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि अचानक दिल का दौरा किसी भी उ

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

नाना पाटेकर की अचानक मृत्यु हमें यह याद दिलाती है कि स्वास्थ्य की अनदेखी कभी भी हल्की नहीं हो सकती। यदि किसी को भी शारीरिक अस्वस्थता के लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और निवारक जांच को प्राथमिकता दें। समाज को चाहिए कि वह स्वास्थ्य जागरूकता फैलाए, न कि केवल मनोरंजन पर ध्यान दे। इस दुखद घटना से प्रेरित होकर हम सब अपनी और अपने प्रियजनों की सेहत का ख्याल रखें, ताकि ऐसी अनावश्यक क्षति न हो।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।