नंदीग्राम में BJP हावी, रेजीनगर में हुमायूं ने पेंच फंसाया:6 सीटों पर उपचुनाव, तमिलनाडु की दो सीटें CM विजय का पहला टेस्ट
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6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की दो, तमिलनाडु की दो, पुडुचेरी की एक विधानसभा सीट और असम की नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। नतीजे 9 अक्टूबर को आएंगे। चुनाव के नतीजे किसी सरकार का भविष्य तय नहीं करेंगे, लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद जमीन पर बदलते राजनीतिक समीकरणों और पार्टियों की पकड़ की झलक जरूर देंगे।
सबसे ज्यादा नजर पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर है। ये CM सुवेंदु अधिकारी की पारंपरिक सीट है। उन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी को इसी सीट से हराया था। रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद चुनाव लड़ रहे हैं। हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था।
2026 में हुए विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा सीट से जीते थे। फिर रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया। बेटे को उतारकर उन्होंने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। पश्चिम बंगाल: नंदीग्राम में सुवेंदु का असर, रेजीनगर में हुमायूं के बेटे की चुनौती सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट पर 2016 से लगातार जीते।
2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी को इसी सीट से हराया था। 2026 के चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़े और दोनों जगह जीते। भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। इसी वजह से यहां चुनाव हो रहे हैं। नंदीग्राम का चुनावी माहौल महेशपुर बाजार की रैलियों से समझ आ गया।
कांग्रेस की सभा में भीड़ कम थी, ज्यादातर पार्टी कार्यकर्ता ही थे। उम्मीदवार मिलन प्रधान लोगों से मिलते हैं और 2007 के नंदीग्राम आंदोलन को याद करते हैं। तब जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत हुई थी। यहीं से लेफ्ट के 34 साल पुराने शासन के खत्म होने और ममता बनर्जी के सत्ता में आने का रास्ता खुल गया।
ये आंदोलन बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का प्रतीक बना। कांग्रेस की रैली के दौरान ही BJP की बाइक रैली निकली। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में करीब 100 बाइक चल रही थीं। गांवों और बाजारों में भी BJP के झंडे और पोस्टर ज्यादा दिखाई देते हैं। BJP ने यहां हंसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है।
वे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की 6 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जाना बाजार के पास छेना बेचने व
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
उपचुनाव के जरिए नंदीग्राम, रेजीनगर, तमिलनाडु और असम की सीटों पर राजनीतिक परिदृश्य बदलने की संभावना है। यह विषय भारत के प्रमुख राज्यों में आगामी चुनावों और उनके परिणामों पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नंदीग्राम में BJP की जीत और रेजीनगर में हुमायूं का पेंच फंसाना, दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। आम जनता पर इसका असर चुनावी नीतियों, विकास योजनाओं और सरकारी निर्णयों में बदलाव के रूप में महसूस हो सकता है, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्मा