नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC कैंडिडेट पीछे हटे:नामांकन वापस लिया, पुराना चुनाव चिह्न नहीं मिलने को वजह बताया; 6 अक्टूबर को उपचुनाव
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पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने इसकी मुख्य वजह TMC का पुराना चुनाव चिह्न (घास-फूल-पत्ती) नहीं मिलना बताया है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को नंदीग्राम में भी ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया था।
इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को 2007 के एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जबकि रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
नाम वापसी और उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद आगे क्या…10 सवाल-जवाब में समझें… सवाल: उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद अगला कदम क्या होगा?
जवाब: नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा। सवाल: क्या नाम वापस लेने वाला उम्मीदवार अपना फैसला बदल सकता है?
जवाब: नहीं। एक बार नाम वापसी वैध तरीके से हो जाने के बाद उसे वापस लेकर फिर चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होती। सवाल: अगर एक सीट पर कई उम्मीदवार मैदान में बचे हैं तो क्या होगा?
जवाब: सभी बचे हुए उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल होंगे और तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा। सवाल: अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक उम्मीदवार बचता है तो क्या होगा?
जवाब: ऐसी स्थिति में चुनाव निर्विरोध हो सकता है। रिटर्निंग ऑफिसर प्रक्रिया पूरी कर उस उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करता है। सवाल: क्या नाम वापसी के बाद नया उम्मीदवार खड़ा किया जा सकता है?
जवाब: नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद नए उम्मीदवार को उसी चुनाव में नामांकन दाखिल करने का मौका नहीं मिलता। सवाल: कैंडिडेट के नाम वापसी के बाद ममता बनर्जी अब क्या करेंगी?
जवाब: संचिता डे के नाम वापस लेते ही ममता ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। सवाल: नंदीग्राम सीट पर ममता और कांग्रेस साथ हैं, तो क्या भाजपा के वोट शेयर गिरेंगे?
जवाब: 4 मई को आए विधानसभा चुनाव रिजल्ट में यहां
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रेजीनगर के उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, क्योंकि उन्हें पार्टी का पुराना चुनाव चिह्न नहीं मिला। यह घटना नंदीग्राम में भी इसी तरह हुई, जहाँ संचिता प्रधान डे ने भी नामांकन वापस लिया। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि चुनावी प्रतीक और पहचान का चुनावी राजनीति में कितना अहम स्थान है। यदि प्रमुख उम्मीदवार पीछे हटते हैं तो मतदाता भ्रमित हो सकते हैं, जिससे वोटर टर्नआउट घट सकता है और चुनावी परिणाम पर अनिश्चितता बढ़ सकती है।