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नंदीग्राम उपचुनाव लड़ सकेंगे कांग्रेस उम्मीदवार, फिलहाल जेल में:कलकत्ता हाईकोर्ट बोला- जमानत मिले तो सरकार ठीक से चुनाव लड़ने दे; प्रधान पर 11 केस दर्ज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नंदीग्राम उपचुनाव लड़ सकेंगे कांग्रेस उम्मीदवार, फिलहाल जेल में:कलकत्ता हाईकोर्ट बोला- जमानत मिले तो सरकार ठीक से चुनाव लड़ने दे; प्रधान पर 11 केस दर्ज

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से कहा कि जमानत मिलने पर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने की। मिलन प्रधान नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार हैं। प्रधान पर 11 केस दर्ज हैं। उन्हें 5 मामलों में गिरफ्तार किया गया है।

फिलहाल वे जेल में हैं। हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने उन्हें 19 सितंबर को 4 मामलों में 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। ये मामले 2007 के नंदीग्राम से जुड़े हैं। इसके बाद 21 सितंबर को कांथी कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के करीब दो दशक पुराने मामले में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

नंदीग्राम उपचुनाव की वोटिंग 6 अक्टूबर को है, प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होगा और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। कांथी कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे प्रधान के वकील ने कहा कि उन्हें 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उनके वकील अयान भट्टाचार्य ने कहा था कि वह कांथी कोर्ट के आदेश को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

मिलन प्रधान ने सोमवार को छह मामलों में पुलिस की जबरन कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इनमें से 5 मामले पिछली सरकार ने वापस ले लिए थे। राज्य सरकार ने यह भी बताया कि बाकी एक मामले में मिलन प्रधान वांटेड नहीं हैं। ये मामले 2007 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हुए थे।

प्रधान के वकील ने आरोप लगाया कि उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC धड़े से समर्थन मिलने के बाद प्रधान को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने 11 मामलों की जानकारी दी जस्टिस भट्टाचार्य की कोर्ट में एडिशनल एडवोकेट जनरल ने बताया कि प्रधान के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान के वकील ने जिन छह मामलों में सुरक्षा मांगी है, उनमें वह वांटेड नहीं हैं।

मजूमदार ने बताया कि इन छह मामलों में पांच पिछली सरकार ने वापस ले लिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि नंदीग्राम थाने में दर्ज एक अन्य मामले में प्रधान आरोपी नहीं हैं। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसी स्थिति में इन छह मामलों में कोई आदेश देने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

प्रधान के वकील ने कोर्

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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