नंदीग्राम में वोटिंग के बीच BJP ने बताया कितने वोटों से जीतेगी पार्टी? सेट किया टारगेट
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पश्चिम बंगाल के दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम, रेजीनगर पर उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं.
मतदान के दिन उपचुनाव को लेकर बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने नंदीग्राम में बड़ी मार्जिन से जीतने का दावा किया है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए समिक भट्टाचार्य ने कहा, "इस बार, हम नंदीग्राम में पिछले मार्जिन से पांच गुना ज्यादा मार्जिन से जीत रहे हैं और रेजीनगर में कहा जाता है कि माइनॉरिटी बीजेपी का समर्थन नहीं करते हैं, आप इस बार नतीजा देखेंगे.
वहां भी बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी की जीत पक्की करेंगे."
''कांग्रेस एक पैरासाइटिक पार्टी बन गई है''
एसआईआर विवाद पर सीजेपी और विपक्ष की ओर से विरोध करने को लेकर समिक भट्टाचार्य ने कहा, "कॉकरोच कौन है और केकड़ा कौन?
भारत के आम लोगों को इन सब के बारे में सोचने में कोई दिलचस्पी नहीं है. कांग्रेस एक पैरासाइटिक पार्टी बन गई है. वे ऐसे लोग हैं जो आमने-सामने बात नहीं करना चाहते.
वे किसी की आंखों में देखकर बात नहीं कर सकते, इसलिए वे पिछले दरवाजे से राजनीति कर रहे हैं."
एजेयूपी के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "यहां दो महीने से हमारी पार्टी को टॉर्चर झेलना पड़ रहा है.
पिछले 10 दिनों में पुलिस ने हद पार कर दी, घर-घर जाकर प्रॉपर्टी में तोड़-फोड़ की और मुस्लिम बूथों पर लोगों को डराया-धमकाया.
उन्होंने वोटरों को धमकाया, उनसे कहा कि अगर वे वोट देने गए, तो चुनाव के बाद उन्हें नतीजे भुगतने होंगे और कहा कि वही सरकार सत्ता में रहेगी."
गुलाम नबी आजाद ने कहा, "निष्पक्ष चुनाव हो ही नहीं रहा है.
जो लोग वोट डालने पोलिंग बूथ पर जाते हैं, उन्हें वापस भेज दिया जाता है, कहा जाता है कि उनका वोट पहले ही हो चुका है और लाइन से हटने को कहा जाता है. वे इलेक्शन एजेंट को भी अंदर नहीं आने दे रहे हैं.
निष्पक्ष होता तो बात अलग होती."
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नंदीग्राम और रेजीनगर में चल रहे उपचुनाव के दौरान, बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बड़ी मार्जिन से जीत का दावा किया। यह विषय राजनीतिक पूर्वानुमान और पार्टी की रणनीति पर प्रकाश डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि बीजेपी ने किस स्तर पर चुनावी समर्थन जुटाया है, जो क्षेत्रीय राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि यदि जीत सुनिश्चित हो जाती है तो सरकार की नीतियों में बदलाव, विकास योजनाओं की प्राथमिकता और स्थान