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‘नन्ही महबूबा’ उपन्यास का विमोचन

लेखक: Lala Jamalkar अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘नन्ही महबूबा’ उपन्यास का विमोचन

बुरहानपुर, 18 अगस्त। हुदा पब्लिक स्कूल, हमीदपुरा में बेनज़ीर अकैडमी के तत्वावधान में लेखक हारिस अंसारी बुरहानपुरी के उपन्यास ‘नन्ही महबूबा’ के विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार प्रो. ज़की अनवर, प्रो. स्वामी विवेकानंद कॉलेज ने की।

पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता नौशाद अली अंसारी ने शमा रोशन की, जबकि उपन्यास का विमोचन प्रो. रफीक अंसारी, प्रो. शासकीय कॉलेज बुरहानपुर, ने किया। इस अवसर पर लेखक हारिस अंसारी का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन मास्टर ज़मीर अतहर ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुज़म्मिल अहमद अंसारी ने कहा कि ‘नन्ही महबूबा’ केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि समाज की एक गंभीर सच्चाई को सामने लाने वाली रचना है। तनवीर रज़ा बरकाती, चेयरमैन दारूस्सुरूर सोसाइटी, ने कहा कि कम उम्र के बच्चों में बढ़ते प्रेम-प्रसंग आज गंभीर सामाजिक समस्या बनते जा रहे हैं।

अभिभावकों की छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में गंभीर परिणाम पैदा कर सकती हैं। उन्होंने बच्चों की उचित परवरिश, मार्गदर्शन और निगरानी पर जोर दिया।

उपन्यासकार हारिस अंसारी ने कहा कि उपन्यास लिखने का उद्देश्य केवल कहानी प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि समाज में तेजी से बढ़ रही इस संवेदनशील समस्या के प्रति अभिभावकों और युवा पीढ़ी को जागरूक करना है।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. ज़की अनवर ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समस्याओं पर गंभीर और सुधारात्मक साहित्य की आवश्यकता है। ‘नन्ही महबूबा’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

समारोह में डॉ. अल्ताफ अंसारी, आरिफ अंसारी, एडवोकेट एहतिशाम आतिफ, इमरान अंसारी, मास्टर उबैदुर्रहमान, मास्टर हाज़िक हुसैन, मास्टर अनीस अंसारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में परवाना बुरहानपुरी ने सभी अतिथियों एवं साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

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Lala Jamalkar

लाला जमालकर खरगोन के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं। लंबे समय से क्षेत्र की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने ला रहे हैं। उनका अनुभव और जमीनी पत्रकारिता महत्वपूर्ण है।