भोपाल

नारायण संदेश परिषद, कान्हा कुंज, कोलार रोड, भोपाल में श्री नारायण गुरु का महासमाधि दिवस श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया

लेखक: Yogi अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नारायण संदेश परिषद, कान्हा कुंज, कोलार रोड, भोपाल में श्री नारायण गुरु का महासमाधि दिवस श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया

भोपाल नारायण संदेश परिषद, कान्हा कुंज, कोलार रोड, भोपाल द्वारा आज जगद्गुरु श्री नारायण गुरु देव का महासमाधि दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर परिषद के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः महागुरु पूजा के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा गुरु कीर्तन, प्राणायाम एवं ध्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु के आध्यात्मिक एवं मानवतावादी संदेशों का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

दोपहर में सभी भक्तों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए अन्नदानम् एवं भंडारे का आयोजन किया गया। परिषद के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने इसमें सहभागिता की। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद एवं वंचित परिवारों के लोगों को भी प्रसाद वितरित किया गया। इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया

दोपहर बाद गुरु पुष्पांजलि, विशेष गुरु पूजा एवं महासमाधि पूजा विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की गई। पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिर को दोपहर 3:30 बजे बंद किया गया

इस अवसर पर मिशन के महासचिव श्री डी. बाबू ने महासमाधि दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिवस को मनाने का प्रमुख उद्देश्य श्री नारायण गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना, उनके विचारों एवं शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना तथा समाज को आत्मचिंतन एवं मानव सेवा के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि महासमाधि दिवस गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। श्री नारायण गुरु ने मानवता, समानता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। उनका जीवन और कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। महासमाधि दिवस उनके अमूल्य योगदान के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि इसका दूसरा महत्वपूर्ण उद्देश्य गुरु के विचारों एवं शिक्षाओं को जीवंत बनाए रखना है। इस अवसर पर गुरु के एकता, प्रेम और समानता के संदेश को समाज तथा विशेष रूप से नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया जाता है, ताकि जाति एवं सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर मानव एकता की भावना को और मजबूत किया जा सके।

श्री डी. बाबू ने कहा कि महासमाधि दिवस का तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष आत्मचिंतन है। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि गुरु का भौतिक शरीर भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार, शिक्षाएं और मानव कल्याण का संदेश आज भी जीवंत हैं। यह अवसर प्रत्येक व्यक्ति को गुरु द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने तथा अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ प्रत्येक वर्ष गुरु के अनुयायी विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होकर प्रार्थना, भजन, आध्यात्मिक चिंतन एवं सेवा कार्यों के माध्यम से श्री नारायण गुरु के संदेश को स्मरण करते हैं और समाज में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।

मिशन के अध्यक्ष श्री पी. सुभाष ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में सहयोग देने वाले सभी भक्तों, सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री गुरुदेव से सभी भक्तों एवं उनके परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

इस अवसर पर श्री पी. सुभाष ने श्री नारायण गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री नारायण गुरु महान समाज सुधारक, आध्यात्मिक गुरु एवं मानवतावादी चिंतक थे। उनका अमर संदेश — “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर — मनुष्य के लिए” (ओरु जाति, ओरु मतम्, ओरु दैवम् मनुष्यनु) — मानव समानता और सामाजिक एकता का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने जाति-पाति, छुआछूत एवं सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को मानवता और समानता का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि महासमाधि दिवस मनाने का उद्देश्य गुरु के शरीर त्यागने का शोक मनाना नहीं, बल्कि उनके विचारों, शिक्षाओं एवं मानव कल्याण के संदेश को स्मरण करना और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। गुरु के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्री नारायण गुरु के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा मानवता, समानता, प्रेम, भाईचारे एवं सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों, उनके परिवारजनों एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोजपुर के नारायण संदेश परिषद ने कान्हा कुंज, कोलार रोड में जगद्गुरु श्री नारायण गुरु देव के महासमाधि दिवस को श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया। यह कार्यक्रम गुरु की शिक्षाओं के प्रति अनुयायियों की गहरी श्रद्धा और आध्यात्मिक एकता को दर्शाता है। महासमाधि दिवस का मनाना गुरु की आध्यात्मिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी में आध्यात्मिक मूल्यों को जगाने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है, लोगों में एकजुटता और शांति का भाव प्रबल होता है, और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक

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