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नारायणपुर के 17 दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नारायणपुर के 17 दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण

नाराणपुर, 7 अक्टूबर 2026

समाज में दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग नारायणपुर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कलेक्टर के कुशल निर्देशों के तहत जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित विशाल निःशुल्क दिव्यांगजन शिविर में जिले के 17 दिव्यांगजनों और आईईडी ब्लास्ट पीड़ितों को सहभागी बनाकर उनके जीवन को नया संबल प्रदान किया गया।

दो दिवसीय इस विशेष पुनर्वास शिविर के पहले दिन 05 अक्टूबर को आईईडी ब्लास्ट प्रभावितों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें एक पीड़ित को नया कृत्रिम पैर प्रदान किया गया तथा दो अन्य हितग्राहियों के पूर्व में लगे कृत्रिम पैरों की बारीकी से जांच कर उनमें आवश्यक सुधार किए गए। वहीं दूसरे दिन 06 अक्टूबर को 14 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को आधुनिक उपकरण वितरित किए गए। इनमें से दो हितग्राहियों को कैलिपर्स सह-एल्बो, एक को नया कृत्रिम पैर, छह को जूता सपोर्ट उपकरण तथा एक दिव्यांगजन को बैसाखी सौंपी गई, जबकि शेष चार दिव्यांगजनों के पुराने उपकरणों की तकनीकी जांच कर उनका मेंटेनेंस किया गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नारायणपुर में 17 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने की पहल, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से, दिव्यांग लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाती है। यह कदम दिव्यांगजनों को शारीरिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का नया अनुभव देता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार की नीतियाँ और समाज की भागीदारी मिलकर सामाजिक समावेश को बढ़ावा दे सकती हैं। इससे आम जनता को यह प्रेरणा मिलेगी कि समान अवसरों और सहायता के माध्यम से समाज में हर वर्ग का समृद्धि संभव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।