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नर्मदापुरम : ग्राम बुधवाड़ा में बेलर मशीन से किया गया नरवाई प्रबंधन, किसानों को किया जागरूक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नर्मदापुरम : ग्राम बुधवाड़ा में बेलर मशीन से किया गया नरवाई प्रबंधन, किसानों को किया जागरूक

कलेक्टर के निर्देश पर नरवाई का उचित प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील माखननगर के ग्राम बुधवाड़ा में प्रगतिशील किसान सीताराम मीना के खेत में बेलर मशीन से नरवाई प्रबंधन किया गया।

वासुदेव ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा बेलर मशीन से लगभग 25 एकड़ धान के फसल अवशेष का प्रबंधन कर बेल बनाकर संरक्षण किया जा रहा है।

नरवाई प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने खेत का निरीक्षण कर बेलर मशीन से प्रबंधन प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान किसानों को नरवाई में आग न लगाने और बेलर मशीन सहित अन्य कृषि यंत्रों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया।

किसानों को बताया गया कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता और लाभकारी सूक्ष्म जीवों को नुकसान पहुंचता है, साथ ही पर्यावरण प्रदूषण और आगजनी का खतरा बढ़ता है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर की सेवाओं का लाभ लें और अन्य किसानों को भी प्रेरित करें।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नरवाई प्रबंधन का विषय है, जिसमें बेलर मशीन से धान के अवशेष को बेल बनाकर मिट्टी में पुनः उपयोग किया जाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कृषि में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, तथा किसानों को आधुनिक तकनीक के लाभ से अवगत कराती है। इसके प्रभाव से किसानों की उत्पादन लागत घटेगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और कृषि भूमि का दीर्घकालिक संरक्षण संभव होगा, जिससे ग्रामीण समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।