अपराध

नशे के खिलाफ जिला कांगड़ा में प्रशासन सख्त

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नशे के खिलाफ जिला कांगड़ा में प्रशासन सख्त

अक्तूबर 01, कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): जिला कांगड़ा में प्रशासन ने नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नशे के कारोबारियों की संपत्तियों पर कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस साफ है- नशे के कारोबार पर प्रहार और समाज में जागरूकता का विस्तार।

कांगड़ा में नशे के खिलाफ चल रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार जब्त किया जा रहा है, ताकि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 5 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है।

वहीं, पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 38 मामलों में प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजे गए हैं। नशे के कारोबार में संलिप्त 6 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई गई है। नूरपुर क्षेत्र में भी कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। यहां 17 मामलों में करीब 29 करोड़ 96 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में नशा निवारण क्लबों को सक्रिय किया जा रहा है, जबकि रेडियो के माध्यम से भी युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नवरात्रों के दौरान प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी नशे के खिलाफ जागरूकता संदेश और स्लोगन प्रदर्शित किए जाएंगे।

कांगड़ा में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता का यह अभियान समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन के प्रयासों को मजबूती दे रहा है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यह विषय नशे के व्यापारियों की संपत्तियों पर कार्रवाई और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के अभियान को शामिल करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नशा समाज में अपराध, स्वास्थ्य और आर्थिक समस्याएँ पैदा करता है, और सरकार की सक्रियता से इन समस्याओं को रोका जा सकता है। इस कदम से आम जनता पर सकारात्मक असर पड़ेगा: नशे के दुष्प्रभावों से बचाव, युवाओं का स्वस्थ विकास, और क्षेत्र में सुरक्षा व शांति का बढ़ना।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।