अपराध

नशे के खिलाफ उपखंड स्तर तक चलेगा अभियान,

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नशे के खिलाफ उपखंड स्तर तक चलेगा अभियान,

बीकानेर में नशे के खिलाफ कार्रवाई को व्यापक बनाने के लिए अब उपखंड स्तर तक अभियान चलाया जाएगा। जिला कलेक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में नियमित बैठकें और नशामुक्ति गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

बीकानेर, 4 नवंबर। राजस्थान में नशे के खिलाफ अभियान को अब जिला स्तर से आगे बढ़ाकर उपखंड स्तर तक प्रभावी बनाने की तैयारी है। बीकानेर में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और आमजन को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने निगरानी और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में सभी उपखंडों में नियमित बैठकें करने, नशामुक्ति गतिविधियां आयोजित करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर एक संस्थान के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिले में 12 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित और दो के लाइसेंस निरस्त किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

बीकानेर में नशे के खिलाफ प्रशासन ने अपनी रणनीति को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम उठाया है। जिला कलेक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में नशे की रोकथाम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी उपखंडों में भी नियमित रूप से गतिविधियां संचालित की जाएं। इसके लिए उपखंड स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने और नशामुक्ति से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और निगरानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिला कलेक्टर ने इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सीमावर्ती इलाकों में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

नशे के खिलाफ अभियान में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ जागरूकता को भी महत्वपूर्ण माना गया। उपखंड स्तर पर होने वाली बैठकों और गतिविधियों के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। बैठक के दौरान वल्लभ गार्डन स्थित मारूत नारायण सेवा संस्थान से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का मामला भी सामने आया।

इस पर जिला कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए संस्थान का लाइसेंस निरस्त करने और उसे मिलने वाले अनुदान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर है कि नशामुक्ति से जुड़े कार्यों और संस्थानों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाए। यदि किसी संस्थान के संचालन में अनियमितता या संदिग्ध गतिविधियां सामने आती हैं, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।

बैठक में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

वहीं, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने तंबाकू मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कोटपा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने तंबाकू उत्पादों से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता बताई। नशे के खिलाफ अभियान में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों पर निगरानी भी महत्वपूर्ण है।

इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने की जरूरत है। बैठक में इस दिशा में सख्ती बरतने पर जोर दिया गया। बैठक में जिले में मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले के 12 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।

मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से दवाओं की बिक्री और नियमों की पालना पर निगरानी रखना भी नशे की रोकथाम से जुड़ा अहम पहलू है। प्रशासन की ओर से इस दिशा में कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने ड्रग फ्री कैंपस अभियान को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए।ड्रग फ्री कैंपस अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों और परिसरों को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने हैं।

इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने और उनके बीच जागरूकता बढ़ाना है। प्रशासन की ओर से इस अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। कुल मिलाकर बीकानेर में नशे के खिलाफ अभियान को बहुस्तरीय बनाने की तैयारी है। इसमें उपखंड स्तर पर नियमित बैठकें, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई, मेडिकल स्टोर्स की जांच और शैक्षणिक परिसरों में जागरूकता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।

बीकानेर प्रशासन ने नशे के खिलाफ अभियान को उपखंड स्तर तक पहुंचाने के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संस्थान के खिलाफ लाइसेंस और अनुदान संबंधी कार्रवाई, कोटपा एक्ट के तहत सख्ती और ड्रग फ्री कैंपस अभियान को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। अब इन निर्देशों की धरातल पर पालना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से नशामुक्ति अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।