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नशे के संदिग्ध मामलों पर रखें कड़ी नजर : गंधर्वा राठौड़

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नशे के संदिग्ध मामलों पर रखें कड़ी नजर : गंधर्वा राठौड़

एनकॉर्ड की बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश

सितंबर 22, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): नशे की समस्या से निपटने के लिए गठित जिला स्तरीय नारको को-आर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक आज उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला में नशे की समस्या और इसे रोकने के उपायों पर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर उपायुक्त ने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे इस समस्या से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

इसमें पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। शिक्षण संस्थानों और इनके आस-पास के क्षेत्रों तथा अन्य संदिग्ध स्थानों पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग के लिए जिला में अतिरिक्त टेस्टिंग किटें उपलब्ध करवाई जाएंगी।

उपायुक्त ने जिला में संचालित किए जा रहे नशा निवारण केंद्रों में आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में योग, ध्यान और प्राणायाम इत्यादि के सत्र आयोजित करने के लिए विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा सकता है। बैठक में एसपी बलवीर सिंह ने जिला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा पुलिस की ओर से उठाए जा रहे कड़े कदमों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, एसडीएम भोरंज शशिपाल शर्मा, एसडीएम नादौन निशांत शर्मा और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति के अलावा कई अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भी इस बैठक में भाग लिया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नशे के संदिग्ध मामलों पर कड़ी नजर रखने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में जिला स्तरीय नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को नशे के प्रसार को रोकने के लिए समन्वित कदम उठाने का निर्देश दिया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नशा आज के समाज में एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जो युवाओं और परिवारों को प्रभावित करती है। इस पहल से नशे के मामलों में कमी आने की उम्

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

नशे की दवा से जूझते समाज के हर वर्ग को यह याद रखना चाहिए कि स्वास्थ्य और समृद्धि का सच्चा मार्ग संयम और सहानुभूति में है। जब परिवार में किसी को नशे की दिक्कत हो, तो उसे कानूनी सहायता और चिकित्सकीय उपचार से जोड़ें, न कि बदला या हिंसा से। समाज के सभी स्तरों को मिलकर नशा मुक्ति कार्यक्रमों का समर्थन करना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ, सशक्त और खुशहाल जीवन जी सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।