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नासिक-त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ, करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नासिक-त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ, करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

अक्टूबर 31, नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आज से सिंहस्थ कुंभ मेले की औपचारिक शुरुआत हो गई है। नासिक के रामकुंड में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मध्वज का पूजन और ध्वजारोहण किया। सनातन संस्कृति में धर्मध्वज का विशेष महत्व है। इसे धर्म, आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।

इसके साथ ही सिंहस्थ कुंभ पर्व के धार्मिक आयोजनों की शुरूआत भी हो गई है। यह महाराष्ट्र के 2 धार्मिक शहरों, नासिक और त्र्यंबकेश्वर में हर 12 साल में होने वाला महाकुंभ है। इसके दौरान श्रद्धालु गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करते हैं। नासिक में रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त तीर्थ पर स्नान होता है।

20 महीने तक चलने वाले इस मेले के 44 मुहूर्त नासिक में और 53 मुहूर्त त्र्यंबकेश्वर में स्नान के हैं। देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के नासिक और त्र्यंबकेश्वर आने की उम्मीद है। फोटो- X (@rashtrapatibhvn)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।