नौकरी के नाम पर ठगी, आरोपी पर 2 और केस:एसईसीएल में नौकरी दिलाने के नाम देता था झांसा, लाखों की ठगी का आरोप
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सूरजपुर में एसईसीएल में नौकरी के नाम पर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपी नितेश पाल के खिलाफ दो और मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी पर सूरजपुर कोतवाली और भटगांव थाने में भी नौकरी के नाम पर पैसे लेने के दो और मामले दर्ज हुए हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग लोगों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
बतादें कि आरोपी पर नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में खड़गवां चौकी में पहले ही केस दर्ज है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर को खड़गवां चौकी पुलिस ने एसईसीएल में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने के आरोप में नितेश पाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आई अन्य शिकायतों के आधार पर अब उसके खिलाफ सूरजपुर कोतवाली और भटगांव थाने में भी केस दर्ज किया गया है।
नौकरी का झांसा देकर 2 लोगों से 2.23 लाख की ठगी का आरोप पुलिस के अनुसार, भटगांव थाना क्षेत्र के ब्रिजेश प्रसाद ने शिकायत की है कि नितेश पाल ने नौकरी लगाने के नाम पर उनसे 1 लाख 3 हजार रुपए लिए। वहीं, सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के शिवलाल से नौकरी का झांसा देकर 1 लाख 20 हजार रुपए लेने की शिकायत सामने आई है।
दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसईसीएल में नौकरी का देता था झांसा शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी सरकारी विभाग और एसईसीएल में नौकरी लगवाने का भरोसा देता था। वह अपनी प्रभावशाली पहचान और बड़े अधिकारियों से संपर्क होने की बात कहकर लोगों को भरोसे में लेता था और इसके बाद उनसे पैसे लेता था।
खड़गवां चौकी में दर्ज मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ और शिकायतें सामने आई हैं। अब पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं आरोपी ने और लोगों से भी नौकरी लगाने के नाम पर पैसे तो नहीं लिए हैं। फिलहाल कोतवाली और भटगांव थाने में दर्ज दोनों मामलों की जांच जारी है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
नौकरी के नाम पर ठगी से समाज में विश्वास की परतें टूटती हैं। जब कोई व्यक्ति दूसरों की आशाओं का दुरुपयोग करता है, तो हमें कानूनी मार्ग अपनाकर न्याय की मांग करनी चाहिए। पीड़ितों के साथ सहानुभूति दिखाते हुए, समाज को जागरूक करना चाहिए कि विश्वसनीय नौकरी के स्रोतों की पहचान कैसे करें और शोषण से बचें। इस तरह हम एक सशक्त, भरोसेमंद और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।