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नौणी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का हंगामा ,कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नौणी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का हंगामा ,कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे

अक्तूबर 05, सोलन (हिमाचल प्रदेश): सोलन जिला के डा. यशवंत सिंह परमार वानिकी विश्वविद्यालय में आज उस समय स्थिति तनावपूर्ण बन गई, जब कुछ कर्मचारी कुलपति कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गये। सुरक्षा के तहत कुलपति ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। बताया जा रहा है कुछ दिनों पूर्व हुए राज्यपाल के कार्यक्रम के बाद कर्मचारियों को नोटिस दिये गये थे जिसके विरोध में यह कर्मचारी कुलपति से मिलना चाहते थे लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने कर्मचारियों का व्यवहार देख कर उन्हें कुलपति कार्यालय के बाहर ही रोक दिया जिस वजह से विश्वविद्यालय में स्थिति तनावपूर्ण बन गई।

नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति एच. एस. बवेजा ने बताया कि कुछ लोग बाहर हंगामा कर रहे थे। उन्होंने तुरंत सुरक्षा गार्ड को बुलाया सुरक्षा गार्ड के बोलने पर ही सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने कमरा बंद कर लिया। कुलपति ने बताया कि यदि उन्हें मिलना भी था तो उसका भी एक प्रोसीजर होता है लेकिन वह दरवाजा तोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

कुलपति एच.एस. बवेजा ने बताया कि उन्होंने तुरंत इसकी सूचना चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी व एसपी सोलन को दी। पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करके सुरक्षा व्यवस्था को संभाला। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम की इनकी क्या मंशा रही होगी?

वीडियो: हंगामे के शॉट्स

बाइट: एच. एस. बवेजा, कुलपति, नौणी विश्वविद्यालय

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

कर्मचारियों के असंतोष का सामना शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी प्रक्रियाओं से करना चाहिए। जब तनाव बढ़े, तो मध्यस्थता, श्रमिक संघों और प्रबंधन के बीच संवाद के माध्यम से समाधान खोजें। संघर्षों को हिंसा में बदलने से न केवल संस्था की प्रतिष्ठा क्षतिग्रस्त होती है, बल्कि सभी के हितों पर भी विपरीत असर पड़ता है। सहानुभूति और सहकारिता से हम एक स्वस्थ कार्य वातावरण बना सकते हैं, जहाँ सभी की आवाज़ सुनी जाए और न्यायसंगत समाधान मिले।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।