नवादा में सरकारी टीचर की शव मिला:घर से 500 मीटर दूर पैईन के पास पड़ा था; सिर पर चोट के निशान, शाम को टहलने निकले थे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →नवादा में एक सरकारी शिक्षक कौशलेंद्र कुमार नवीन का शव घर से करीब 500 मीटर दूर मडरा गांव के पास एक पैईन के किनारे मिला। पुलिस ने हत्या के एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला रोह प्रखंड के रतोई गांव से जुड़ा है। मृतक 57 वर्षीय कौशलेंद्र कुमार नवीन सरकारी शिक्षक थे। रोज की तरह शाम में घूमने निकले थे मृतक की पत्नी रूबी कुमारी ने बताया कि रविवार को स्कूल की छुट्टी थी, इसलिए उनके पति घर पर ही थे।
शाम करीब 5 बजे वह रोज की तरह घूमने के लिए घर से निकले थे। उन्होंने शाम करीब 4 बजे खाना खाया था और जूस पीने के बाद घर से बाहर गए। पत्नी ने बताया कि उन्होंने अपने पति को बाइक से जाते हुए देखा था। वह अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे। कौशलेंद्र कुमार नवीन रोज इसी समय घूमने के लिए निकलते थे।
रात तक नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश पत्नी के मुताबिक, रात 10 बजे तक जब कौशलेंद्र कुमार नवीन घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। अगली सुबह दूध वाला घर पहुंचा, तब परिवार को पता चला कि उनके पति की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
सिर पर कई वार के निशान कौशलेंद्र कुमार नवीन के शरीर पर, खासकर सिर और अन्य जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। सिर पर कई बार वार किए जाने की बात सामने आई है। इन्हीं चोटों के कारण उनकी मौत होने की आशंका है। गांव में किसी से दुश्मनी नहीं थी परिवार के मुताबिक, कौशलेंद्र कुमार नवीन लंबे समय से पूरे गांव और इलाके में एक अच्छे शिक्षक के रूप में जाने जाते थे।
परिवार के लोगों को अब तक किसी पर कोई शक नहीं है। उनका गांव में किसी से कोई विवाद या दुश्मनी भी नहीं थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण मार्गों से सुलझाना ही समाज की प्रगति का मूल है। जब भावनाएँ उफान पर हों, तो संवाद, मध्यस्थता और कानूनी सहायता से समाधान खोजें। हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं देती; यह केवल नई पीड़ा जन्म देती है। हमें अपने शिक्षकों, माता-पिता और सभी नागरिकों को सहानुभूति और समझ के साथ एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देनी चाहिए, ताकि समाज में शांति और न्याय की बुनियाद मजबूत हो।