‘नवकृति-5’ में दिखी युवा कलाकारों की रचनात्मक उड़ान
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जयपुर की मंडला आर्ट गैलरी में तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘नवकृति-5’ का समापन हुआ, जिसमें युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता को कैनवास पर उतारा। प्रदर्शनी में कला के साथ कविता और संगीत का संगम भी देखने को मिला, जबकि विभिन्न थीम कलेक्शन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे।
जयपुर, 02 अक्टूबर। मंडला आर्ट गैलरी, स्टूडियो एवं एकेडमी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘नवकृति-5’ का सफल समापन हुआ। संस्थापक वसुधा शर्मा के नेतृत्व में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित प्रदर्शनी में उभरते युवा कलाकारों ने अपनी कल्पना और रचनात्मक सोच को अलग-अलग कलाकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 2 अक्टूबर को दोपहर 12:15 बजे आयोजित समारोह में हुआ। कार्यक्रम में वार्ड 6 की पार्षद स्नेह लता साबू, JECRC यूनिवर्सिटी की डीन शिवानी कौशिक और ब्लू पॉटरी शिल्प गुरु गोपाल सैनी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार रामू रामदेव और राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रीटा प्रताप विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने युवा कलाकारों की कलाकृतियों को देखा और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया।
कला के साथ कविता और संगीत
प्रदर्शनी में चित्रकला के साथ साहित्य और संगीत का भी संगम देखने को मिला। 3 अक्टूबर को आयोजित पोएट्री सेशन में युवा कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। वहीं 4 अक्टूबर को आयोजित जैमिंग सेशन में संगीत और कला प्रेमियों ने भाग लिया। तीनों दिन गैलरी में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों की आवाजाही बनी रही।
अलग-अलग थीम ने खींचा ध्यान
इस वर्ष प्रदर्शनी में आठ विशेष थीम कलेक्शन प्रस्तुत किए गए। सुरभि की ‘JAG KE NATH - JAGANNATH’ कलमकारी कला के जरिए जगन्नाथ संस्कृति की समावेशिता को दर्शाती रही।
प्रिशा की ‘BLOOM IN 3D’ क्ले फ्लोरल आर्ट के माध्यम से बच्चों के विकास और उनकी अपनी गति से आगे बढ़ने का संदेश देती नजर आई। गिरिशा की ‘SHIVA & NANDI’ में शिव और नंदी के विश्वास के संबंध को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
चार्वी की ‘AADYA - SHE IS THE POWER’ भी प्रदर्शनी की प्रमुख कृतियों में रही। इसमें कालिघाट शैली के माध्यम से नारी शक्ति को नवदुर्गा की नौ शक्तियों के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा अक्षिता की ‘SCULPTED SERENITY’, प्रीति की ‘EYES OF THE WILD’, परी की ‘THE GAME OF FATE’ और आकार्षी की ‘THE ETERNAL MESSAGE’, जो गीता पर आधारित थी, ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनी के समापन अवसर पर संस्थापक वसुधा शर्मा ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘नवकृति’ का उद्देश्य केवल पेंटिंग प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि युवा कलाकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए मंच उपलब्ध कराना है। प्रदर्शनी ने युवा कलाकारों की कला और नए विचारों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।