अब 'नवनाथ एन्क्लेव' के नाम से जाना जाएगा 'कुश्मी एन्क्लेव':173 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण; दो योजनाओं को मिला नाम
गोरखनाथ रोड पर स्थित लच्छीपुर में निर्मित हो रही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की बहुमंजिली योजना कुश्मी एन्क्लेव का नाम अब नाथ पंथ के 9 परम गुरुओं के नाम पर नवनाथ एन्क्लेव कर दिया गया है। सोमवार को संपन्न GDA बोर्ड की 131वीं बैठक में 173 करोड़ रुपये की इस परियोजना को नया नाम देने पर सहमति बनी।
योजना को लांच करते समय कुश्मी जंगल के नाम पर इसका नाम कुश्मी एन्क्लेव रखा गया था। शुरूआती दिनों में लोगों ने यहां फ्लैटों की बुकिंग भी इसी नाम से कराई है। इसके साथ ही बोर्ड बैठक में दो और नाम रखे गए।
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के तहत भूखंड संख्या 8 पर निर्माणाधीन बहुमंजिली ईडब्ल्यूएस व एलआईजी भवनों को अब रुद्राक्ष एन्क्लेव के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह भूखंड संख्या 7 पर निर्मित हो रहे मिनी एमआईजी व एमआईजी भवनों का नाम मानसरोवर एन्क्लेव रखा गया है। इन दोनों योजनाओं का पहले से कोई नाम नहीं था।
प्राधिकरण बोर्ड ने नए नाम पर मुहर लगा दी है। जानिए कौन हैं नवनाथ नाथ संप्रदाय में 84 गुरुओं का वर्णन मिलता है लेकिन इसमें 9 परम गुरुओं का बहुत महत्व है। उन्हें ही नवनाथ कहा जाता है। इसमें गुरु मछिन्द्रनाथ, गोरक्षनाथ, गहिनीनाथ, जालंधरनाथ, कानिफनाथ, भृतहरिनाथ, रेवणनाथ, नागनाथ एवं चर्पटीनाथ शामिल हैं।
नगर निगम को हस्तांतरित की जाएंगी सड़कें बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राधिकरण की ओर से विकसित गोरक्ष एन्क्लेव, पत्रकारपुरम, पत्रकारपुरम विस्तार, राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना, ताल रिंग रोड, पैडलेगंज से नया सवेरा फेज 1 तक की सड़कों को अनुरक्षण के लिए नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा।
कमिश्नर ने नगर निगम को निर्देश दिया कि 10 दिन के भीतर इन सड़कों का संयुक्त निरीक्षण कर ले और आगे की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। बैठक में रामगढ़ताल के सुंदरीकरण पर भी चर्चा हुई। ताल की जेटी पर बने फव्वारे का संचालन कराने को कहा गया। इसके साथ ही नया सवेरा के बगल में स्थित सड़क पर प्रवेश द्वार बनाया जाए।
साल में दो बार होगा ठेकेदारों का पंजीकरण GDA बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि सिविल एवं बिजली से जुड़े कार्यों के लिए ठेकेदारों का पंजीकरण साल में दो बार मार्च एचं सितंबर में खोला जाएगा। इससे प्राधिकरण में सभी श्रेणियों के ठेकेदारों को समान अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही प्राधिकरण में आंतरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सूचीबद्ध कार्यों को कराने, कर्मचारियों की एकाउंटबिलिटी के लिए एक्प्रेशन आफ इंटरेस्ट के माध्यम से कार्य कराने पर बोर्ड की सहमति बनी है। महायोजना को लेकर आर्किटेक्टों की ओर से दिए गए सुझावों को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।
जर्जर और पुरानी प्राधिकरण संपत्तियों का राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के माध्यम से जीरो फाइनेंशियल बर्डन पर पुनर्विकास कराने पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण बोर्ड ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। साथ ही इसका विस्तृत विश्लेषण कर अग्रिम कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया।
📡 स्रोत: NewsData.io