नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने किया शुभारंभ
अगस्त 31, कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): विकास खंड भुंतर की पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों उप-प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों के लिए प्रशिक्षण जिला परिषद भवन कुल्लू में आरम्भ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने किया।
एडीएम ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली के साथ-साथ उनकी भूमिकाओं, अधिकारों एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे पंचायतों का प्रभावी एवं बेहतर संचालन कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को उनके संवैधानिक, विधिक, सामाजिक एवं नैतिक उत्तरदायित्वों तथा अधिकारों से अवगत करवाया गया। साथ ही स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाई के रूप में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों की जानकारी देते हुए प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्यों तथा पंचायत सचिव की भूमिकाओं एवं दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण में पंचायत स्तर पर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, समन्वय एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया, एजेंडा तैयार करना, बैठक की कार्यवाही लिखना, कोरम, आय-व्यय के खातों की प्रस्तुति तथा ऑडिट रिपोर्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा ग्राम सभा, महिला ग्राम सभा एवं उप ग्राम सभा की भूमिका, सदस्यता, शक्तियों तथा बैठकों के आयोजन की प्रक्रिया पर भी जानकारी साझा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायतों के संचालन से जुड़े नियमों एवं प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।
इससे प्रतिनिधियों को अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सहायता मिलेगी तथा ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।