नवरात्रि का छठा दिन: मां कात्यायनी की आराधना से गूंज उठे मंदिर
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16 अक्टूबर, नई दिल्ली: देशभर में शारदीय नवरात्रि का पावन उत्सव पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ अपने चरम पर है। मंदिरों में घंटियों की गूंज और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है। आज नवरात्रि का छठा दिन है, जो मां दुर्गा के छठे स्वरूप, मां कात्यायनी, की आराधना को समर्पित है। शक्ति, पराक्रम और साहस की प्रतीक मां कात्यायनी की पूजा से भक्त अपने जीवन में विजय और निर्भयता की कामना कर रहे हैं।
मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य माना जाता है। वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनके हाथों में अस्त्र-शस्त्र होते हैं, जो उनके पराक्रम और शक्ति का प्रतीक हैं। उनका यह रूप हमें यह संदेश देता है कि अन्याय और अधर्म के खिलाफ डटकर खड़ा होना ही सच्ची भक्ति है। इस दिन भक्त विशेष रूप से शहद, लाल फूल और गुड़ का भोग लगाते हैं, जिससे जीवन में मधुरता और सफलता का आगमन होता है।
आज के दिन मां कात्यायनी की उपासना से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने की भी मान्यता है। खासकर युवा भक्त मां से योग्य जीवनसाथी और सुखमय दांपत्य जीवन की कामना करते हैं। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ और मंत्रोच्चार के साथ वातावरण और भी पवित्र हो उठा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना करने से न केवल शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, बल्कि जीवन की कठिन चुनौतियों से लड़ने का साहस भी प्राप्त होता है।
नवरात्रि के ये पावन दिन आत्मशुद्धि, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का विशेष अवसर प्रदान करते हैं। फाइल फोटो