राज्य

नवरात्रि से पहले सागर में सजी आस्था और कला की दुनिया, देशभर में बढ़ी दुर्गा प्रतिमाओं की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नवरात्रि से पहले सागर में सजी आस्था और कला की दुनिया, देशभर में बढ़ी दुर्गा प्रतिमाओं की मांग

बंगाली और बुंदेली शैली में तैयार हो रहीं आकर्षक प्रतिमाएं

विश्वकर्मा परिवार 50 वर्षों से मूर्तिकला के जरिए रच रहा आस्था और कला का संगम

सागर, अक्टूबर 06: नवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही बुंदेलखंड अंचल में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सागर शहर में जगह-जगह माता के पंडाल सजाए जाएंगे, जहां आकर्षक दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। दुर्गा पूजा को लेकर शहर में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

सागर में तैयार की जाने वाली दुर्गा प्रतिमाओं की मांग देश के कई शहरों में रहती है। यहां एक ओर बंगाली पैटर्न की दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं, तो दूसरी ओर बुंदेली शैली की प्रतिमाओं को भी आकार दिया जाता है। कुछ मूर्तिकार भव्य और विशेष आकार की प्रतिमाओं का निर्माण भी करते हैं।

इन्हीं कलाकारों में विश्वकर्मा परिवार भी शामिल है। परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से मूर्तिकला के क्षेत्र में काम कर रहा है। परिवार के कलाकार आस्था और कला का ऐसा संगम प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसकी मांग मध्य प्रदेश के साथ देश के कई राज्यों तक पहुंच रही है।

नवरात्रि के लिए प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। दूर-दराज के शहरों से भी श्रद्धालु और आयोजक सागर पहुंचकर अपनी पसंद की दुर्गा प्रतिमाएं ले जा रहे हैं।

------------------------------

बाइट: अंकित विश्वकर्मा, मूर्तिकार बाइट: सार्थक जोशी, मूर्ति लेने छिंदवाड़ा से आए भक्त

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।