अपराध

नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का डीजीपी कैलाश मकवाणा की उपस्थिति में हुआ समापन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का डीजीपी कैलाश मकवाणा की उपस्थिति में हुआ समापन

भोपाल नवीन न्याय संहिताओं को आमजन के लिए सरल, सहज एवं व्यावहारिक रूप में समझाने के उद्देश्य से भेल दशहरा मैदान, गोविन्दपुरा में आयोजित पांच दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का आज पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की उपस्थिति में समापन हुआ। इस अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 3 अक्टूबर के दौरे की सूचना के बाद प्रदर्शनी के आयोजन के लिए मात्र छह दिन का समय मिला था।

सीआईडी टीम ने लगातार अवकाश के दिनों में कार्य करते हुए रूपरेखा तैयार की और इवेंट एजेंसी ने केवल दो दिनों में प्रदर्शनी का सेटअप तैयार किया। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में इतने बड़े स्तर का आयोजन टीमवर्क और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

डीजीपी श्री मकवाणा ने विशेष रूप से आरक्षकों कीसराहना करते हुए कहा कि अंतिम समय में ब्रीफिंग मिलने के बावजूद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ आगंतुकों को नवीन कानूनों एवं आधुनिक पुलिसिंग की जानकारी दी। उन्होंने स्वयं भी परिवार के साथ सामान्य नागरिक के रूप में प्रदर्शनी का अवलोकन कर पूरी प्रक्रिया को समझा।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने प्रदर्शनी में अपराध की सूचना से लेकर पुलिस कार्रवाई, वैज्ञानिक अनुसंधान, फॉरेंसिक जांच, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया तक की पूरी व्यवस्था को एक ही मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किए जाने की सराहना की। समापन अवसर पर प्रदर्शनी को सफल बनाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सीआईडी, फिंगरप्रिंट टीम, डॉग स्क्वाड, पुलिस स्टेशन टीम सहित विभिन्न अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों को केवल पुस्तकीय जानकारी तक सीमित न रखते हुए पुलिस, फॉरेंसिक, चिकित्सा, अभियोजन, न्यायपालिका एवं जेल प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। 14 विशेष जोन में मॉडल, डिजिटल डिस्प्ले, वीडियो, लाइव डेमो और सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से नागरिकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की पूरी कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।