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'नया कलह नहीं चाहिए, तुरंत सब ठीक कीजिए':नीतीश की बंद कमरे की बैठक में क्या हुआ, नेताओं के सुर बदले; नीरज का अब क्या होगा?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'नया कलह नहीं चाहिए, तुरंत सब ठीक कीजिए':नीतीश की बंद कमरे की बैठक में क्या हुआ, नेताओं के सुर बदले; नीरज का अब क्या होगा?

'ललन बाबू ने वही किया, जो पार्टी के लिए बेहतर था।' बंद कमरे में करीब 30 मिनट की नीतीश कुमार की बैठक के बाद 6 अक्टूबर को JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने यह बात कही। इसके बाद डिप्टी CM विजय चौधरी ने भी ललन सिंह की भूमिका की तारीफ की। ...तो ऐसा क्या ललन सिंह ने किया, क्या अनंत-नीरज विवाद में नीतीश ने भी ललन की लाइन मान ली?

अब नीरज कुमार का क्या होगा?

पूरा पावर गेम समझेंगे; बूझे की नाही में...। सवाल-1ः अनंत-नीरज विवाद में ललन सिंह ने क्या किया?

जवाबः पटना स्नातक विधान परिषद सीट से जनता दल यूनाइटेड (JDU) 3 बार के विधान पार्षद नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार का खुला विरोध किया है। अनंत सिंह लगातार जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ घूम रहे हैं और उनके लिए वोट मांग रहे हैं। ललन सिंह ने आगे कहा, ‘अनंत सिंह जब चुनाव लड़ रहे थे तो वो (नीरज) उनके खिलाफ अभियान चला रहे थे।

बात बिल्कुल सत्य है। हालांकि, मैंने अनंत सिंह से कहा है कि अब कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे। इस पर वह सहमत हैं। अब आगे वह सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देंगे।’ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के इस बयान के बाद नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7, सर्कुलर रोड में संजय झा, डिप्टी CM विजय चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पहुंचे।

नीतीश कुमार ने तीनों नेताओं के साथ बंद कमरे में करीब 30 मिनट तक बैठक की। सवाल-2ः नीतीश कुमार की बंद कमरे की मीटिंग में क्या हुआ कि नेताओं के बदले सुर?

जवाबः बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने सभी नेताओं से विधान परिषद चुनाव का फीडबैक लिया। इसके बाद ताजा हालात पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने बैठक में साफ शब्दों में कह दिया है कि पार्टी के अंदर नया कलह नहीं चाहिए। जल्दी मामले को सैटल करें। ललन सिंह ने पार्टी के अनुशासन पर सवाल उठाए हैं, उसको ठीक कीजिए। नीतीश कुमार ने ललन सिंह की बातों को गंभीरता से लेने की तरफ इशारा किया। अंदरखाने चर्चा है कि नीतीश कुमार के इसी इशारे के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं संजय झा और विजय चौधरी के सुर बदले हैं। सवाल-3ः …तो क्या नीतीश कुमार ने ललन सिंह की लाइन स्वीकार कर ली?

जवाबः हां, काफी हद तक। नीतीश ने अनंत सिंह पर सख्त कार्रवाई का रास्ता नहीं चुना है। इसके बजाय ललन सिंह के जरिए अनंत की नाराजगी

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर बिहार के जैन दल (JDU) के भीतर हुए एक बंद कमरे की बैठक के बाद की है, जहाँ नीतीश कुमार और अन्य नेताओं ने ललन सिंह की भूमिका पर चर्चा की। इस बैठक के बाद संजय झा और विजय चौधरी ने ललन सिंह की प्रशंसा की, जिससे पार्टी के अंदर अनंत-नीरज विवाद पर नई दिशा मिली। यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि पार्टी के अंदरूनी संघर्षों को कैसे हल किया जा रहा है और क्या नीरज कुमार को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि पार्टी की एकता और चुनावी रणनीति स्पष्ट हो, जिससे चुनावी

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