NCPI ने ज्ञानेश कुमार के लिए मांगा भारत रत्न तो भड़के सांसद यूसुफ पठान, 'मुर्शिदाबाद में लोग...'
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ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है.
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की सिफारिश करने की मांग की है.
NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने पत्र में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, मतदाता सूची के संशोधन और चुनाव प्रक्रिया का हवाला देते हुए यह मांग रखी है.
इस मामले पर बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान भड़क गए. इस पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि बंगाल, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर और देश के लोग अपने वोट के अधिकार को लेकर आवाज उठा रहे हैं. ऐसे समय में वह किसी अवॉर्ड की सिफारिश क्यों करेंगे.
Bengal, Murshidabad, Baharampur aur desh ke log apne vote ke adhikaar ke liye awaaz utha rahe hain.
Aise waqt mein kya main kisi award ki sifarish karunga?
Maine aisa koi patra nahi likha.
Mere naam se kahaniyan gadhne walon se sirf itna kehna hai agar patra hai, toh copy
Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) October 1, 2026
यूसुफ पठान ने पत्र सार्वजनिक करने की मांग की
यूसुफ पठान ने अपने नाम से इस तरह की किसी सिफारिश किए जाने से इनकार किया. उनके मुताबिक, उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है.
उन्होंने कहा कि अगर उनके नाम से कोई पत्र या सिफारिश सामने आ रही है तो उसकी कॉपी सार्वजनिक की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके नाम से कहानियां बनाने वालों को सबूत सामने रखना चाहिए.
अगर कोई पत्र है तो उसकी कॉपी सार्वजनिक की जाए, वरना इसे फर्जी और उनके नाम
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की, जिससे राजनीतिक विवाद भड़का। इस मांग को लेकर सांसद यूसुफ पठान ने नाराज़गी जताई, और मुर्शिदाबाद में भी विरोध हुआ। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत रत्न राष्ट्रीय सम्मान है, और किसी के नाम पर इसकी मांग चुनावी राजनीति से जुड़ी है। इस विवाद से जनता में मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक पक्षपात पर सवाल उठ रहे हैं। यदि विवाद बढ़ता है तो यह मतदाता विश्वास पर असर डाल सकता है और चुनावी माहौल को अस्थिर कर सकता