‘ने करो-14’ का भव्य विमोचन, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ने का संदेश
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‘धन्य-धन्य बुंदेल धरा’ समारोह में दमोह के लेखक सत्येंद्र तुलाराम साहू की प्रेरणादायी पुस्तक का लोकार्पण, जल्द आएगा ‘ने करो-15’
आज़म लाला की रिपोर्ट
भोपाल/दमोह। बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत, साहित्य और संस्कृति की छटा से सजे भोपाल के हिंदी भवन, श्यामला हिल्स में आयोजित ‘धन्य-धन्य बुंदेल धरा’ एवं रानी दुर्गावती जयंती समारोह के मंच से दमोह के लेखक सत्येंद्र तुलाराम साहू की प्रेरणादायी पुस्तक ‘ने करो-14’ का भव्य विमोचन किया गया।

पुस्तक का विमोचन राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल, करुणाधाम आश्रम के पंडित सुदेश शांडिल्य, मेला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद गोटिया, मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन अवधेश प्रताप सिंह, हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, भोपाल महापौर मालती राय, साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे, साध्वी हर्षानन्द गिरी, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह, फिल्म के बाल कलाकार साध्वीक शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने किया।
नकारात्मक सोच को पीछे छोड़ सकारात्मकता की ओर बढ़ने का संदेश
लेखक सत्येंद्र तुलाराम साहू ने बताया कि ‘ने करो’ श्रृंखला की शुरुआत लोगों को नकारात्मकता से बाहर निकालकर सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी। पाठकों के स्नेह, सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन के चलते यह श्रृंखला लगातार आगे बढ़ती गई और अब इसका 14वां संस्करण पाठकों के सामने है।
उन्होंने कहा कि पहले संस्करण से लेकर 13वें संस्करण तक का सफर पाठकों के विश्वास और प्रेम की वजह से संभव हुआ है। इसी क्रम में ‘ने करो-14’ को भी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
लेखक ने पुस्तक के प्रायोजक कमलजीत सिंह सलूजा, टीएम इंटरप्राइजेज दमोह, फ्रंट कवर डिजाइनर आशुतोष वर्मा और बैक कवर डिजाइनर नेहा साहू के प्रति आभार व्यक्त किया।
जल्द आएगा ‘ने करो-15’
सत्येंद्र साहू ने कहा कि पाठकों का स्नेह और आशीर्वाद इसी तरह मिलता रहा तो जल्द ही ‘ने करो-15’ भी पाठकों के हाथों में होगी। उन्होंने बताया कि 15वें संस्करण का विमोचन 24 अक्टूबर, शनिवार को शाम 7 बजे रविंद्र भवन, भोपाल में देवोत्तर सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम के दौरान किया जाएगा।
बुंदेली संस्कृति की शानदार प्रस्तुति
समारोह में बुंदेलखंड की कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। सुप्रसिद्ध लोक गायिका कविता शर्मा ने लोकगायन की प्रस्तुति दी। वहीं दीपेश पांडे नृत्य टीम ने लोकनृत्य के माध्यम से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और महापुरुषों की गाथाओं को मंच पर जीवंत किया।
आयोजक कवि सुमित ओरछा ने स्वागत उद्बोधन में आयोजन की भावना और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। लक्ष्मण सिंह मरकाम ने बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन पूर्वा द्विवेदी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आयोजक कवि सुमित ओरछा ने किया।
साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में विशेष सहयोगी सुशील अग्रवाल, मनोज राठौर (RSS), रमन तिवारी, सतेंद्र साहू, दिनेश शुक्ला, अभिषेक रानू खरे, देवदत्त दुबे, कौशल किशोर चतुर्वेदी, भाजपा नेत्री नेहा बग्गा, ACP संतोष पटेल, विजय दुबे, राकेश सिंह, ऋतुराज तोमर, दिनेश प्रभात, राजेंद्र गट्टानी, लक्ष्मण नेपाली और सीमा शिवहरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इसके अलावा DSP संतोष पटेल, पीएस बुंदेला, देवदत्त दुबे, आशीष दुबे, संदीप अयाची, गिरिश शर्मा, आर.के. क्रिएशन के आर.के. शर्मा, नील शुक्ला, पवन साहू, चंदन सिंह, आयान खान, मुकेश सेन, प्रशांत चतुर्वेदी और कुलदीप खरे सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव
‘ने करो-14’ का विमोचन लेखक सत्येंद्र तुलाराम साहू की साहित्यिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। लगातार संस्करणों का प्रकाशित होना सकारात्मक सोच और प्रेरणादायी लेखन के प्रति पाठकों की रुचि को दर्शाता है।
‘ने करो-14’ विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पाठकों के लिए उपलब्ध है। लेखक के मुताबिक, पाठकों का स्नेह और समर्थन जारी रहा तो जल्द ही इस प्रेरणादायी श्रृंखला का अगला संस्करण ‘ने करो-15’ भी पाठकों के बीच होगा।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
‘ने करो-14’ की भव्य विमोचन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जिसमें दमोह के लेखक सत्येंद्र तुलाराम साहू की पुस्तक को ‘धन्य-धन्य बुंदेल धरा’ समारोह के दौरान प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम बुंदेलखंड की साहित्यिक परंपरा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है। इस खबर का महत्व इस तथ्य में है कि यह नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बदलाव का संदेश देता है, जिससे समाज में आशा और प्रेरणा का संचार होता है। जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग अपने जीवन में नकारात्मक विचारों को दूर कर, नई ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे