नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट

अगस्त 27, नई दिल्ली: बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।हालांकि, बिहार के लिए एक राहत भरी खबर है। आज सुबह से गंडक का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनज़र बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया।
इस दौरान संभावित प्रभावों, एहतियाती उपायों, सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वाल्मीकिनगर पहुंचे और उन्होंने इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज और उसके विभिन्न फाटकों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के जलस्तर का जायजा लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मौजूदा स्थिति और संभावित प्रभावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, राहत और हर संभव सहायता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फोटो- निरीक्षण करते हुए सीएम सम्राट चौधरी