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नेपाल बाढ़: 270 लोगों की मौत, 28 पुलिसकर्मी संपर्क से बाहर

लेखक: DD News अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल बाढ़: 270 लोगों की मौत, 28 पुलिसकर्मी संपर्क से बाहर

अगस्त 27, नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बिना किसी बारिश की चेतावनी और संभलने का मौका मिले पहाड़ों से उतरे मलबे और पानी के सैलाब ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।

इसे हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। सैलाब की रफ्तार इतनी तेज थी कि रसुवागढ़ी सीमा शुल्क क्षेत्र में खड़े 300 से ज्यादा वाहन और ट्रक बह गए।कई पुल धराशायी हो गए, सड़कें टूट गईं और बस्तियां पानी और मलबे में समा गईं।

नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक 517 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। वहीं कुल 28 पुलिसकर्मी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। आपदा के बाद सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। करीब 4,050 पुलिस जवान अभियान में तैनात हैं।

अब तक बरामद 270 शवों में चितवन में 108, नवलपरासी पूर्व में 62, धादिंग में 27, गोरखा में 20 और रसुवा में 17 शव शामिल हैं। वहीं घायलों का भी अस्पतालों में इलाज जारी है।कुल 66 घायल अस्पताल पहुंचे, जिनमें से कई को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील का पानी पूरी तरह बाहर नहीं निकलने की वजह से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास अब भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ती मौतों और लापता लोगों की संख्या ने पूरे नेपाल की चिंता बढ़ा दी है। फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर

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