नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, 9 दिन बाद सुरंग से दो श्रमिकों को बचाया गया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →DATE-4 sEPTEMBER 2026 नेपाल में त्रिशूली नदी में अचानक आई बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
नेपाल सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, बचाए गए श्रमिकों की पहचान काठमांडू निवासी कबीर महार्जन (45) और सप्तरी जिले के रहने वाले संजय साह (30) के रूप में हुई है। महार्जन परियोजना में यांत्रिक पर्यवेक्षक, जबकि साह फोरमैन के रूप में काम कर रहे थे।
महार्जन की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें हवाई मार्ग से काठमांडू ले जाया गया है, जबकि साह का नुवाकोट के त्रिशूली अस्पताल में इलाज चल रहा है। महार्जन को गंभीर हालत में काठमांडू ले जाया गया महार्जन की पत्नी ने कहा कि उनके पति को “दूसरी जिंदगी” मिली है।
उन्होंने बचाव अभियान में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले बचावकर्मियों का आभार जताया। समाचार पत्र ‘काठमांडू पोस्ट’ ने उनकी पत्नी हीरा शोभा के हवाले से बताया कि परिवार लंबे समय से उनके लौटने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने कहा, “वह दूसरी जिंदगी लेकर लौटे हैं।
हम बेहद खुश हैं।” उन्होंने बताया कि वह अपने पति को देखने अस्पताल जा रही हैं और बचाव अभियान में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद किया। साह ने बताया- नियंत्रण कक्ष में कर रहे थे काम सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद साह ने नेपाली सेना की चिकित्सा टीम को बताया कि हादसे के समय वह नियंत्रण कक्ष में काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “मैं नियंत्रण कक्ष में काम कर रहा था। मेरी जिम्मेदारी सभी की जान बचाना थी।” साह के मुताबिक, हादसे के बाद उन्होंने सभी लोगों से बाहर निकलने के लिए कहा, लेकिन जब तक अन्य लोग बाहर निकले, तब तक उनके लिए बचकर निकल पाना मुश्किल हो गया था। सुरंग में अब भी लोगों के फंसे होने की आशंका
साह ने आशंका जताई कि सुरंग के भीतर अब भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने आसपास तीन या चार लोगों के बारे में सुना था या उनसे बात की थी। उनके अनुसार, सुरंग के और भीतर तथा बिजलीघर के आसपास के हिस्से में भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है।
उन्होंने कहा, “हो सकता है कि सभी लोग बाहर नहीं निकल पाए हों। सुरंग बहुत लंबी है।” साह ने आशंका जताई कि बाढ़ के पानी का तेज बहाव लोगों को सुरंग के भीतर और गहराई तक बहाकर ले गया होगा।