नेपाल बाढ़: भारत ने काठमांडू भेजी मदद की 8वीं खेप; अब तक 1300 से ज्यादा की मौत
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नेपाल में 26 अगस्त को आई भयावह बाढ़ से मची त्रासदी के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
इस आपदा में नेपाल की मदद करने में जुटे भारत ने 35 टन की राहत और बचाव सामग्री से भरी आठवीं खेप भेजी है. यह काठमांडू पहुंच गई है. इसे वहां के मंत्री को सौंप दिया गया है.
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि राहत और बचाव का सामान लेकर भारत की आठवीं उड़ान काठमांडू पहुंच गई है. इसे नेपाल के मंत्री महाबीर पुन को सौंपा गया है.
अबतक इस आपदा में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग अभी भी लापता है.
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत अपने राहत और बचाव कार्य जारी रखे हुए है.
आईएएफ का आठवां विमान 35 टन राहत और बचाव सामग्री लेकर काठमांडू के लिए रवाना हो गया है.
इसमें एनडीआरएफ का सामान, बचाव का सामान, फोरेंसिक सामाग्री और सेना की टीम के लिए जरूरी सामान शामिल हैं.'
भारत, नेपाल को मदद के अपने वादे को दोहराता है: MEA
इससे पहले भारत ने मंगलवार को कहा था कि विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में चल रहे रेस्क्यू में मदद करने के लिए अपने वादे को दोहराता है.
साथ ही कहाकि ग्राउंड पर जरूरी जरूरतों के आधार पर मदद जारी रखेगा.
नई दिल्ली में हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत ने अबतक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है.
नेपाल के राहत और बचाव कार्यों के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं.
'हम नेपाल के प्रति एकजुटता-सहानुभूति जाहिर करते हैं'
जायसवाल ने कहा, 'हमने नेपाल के लोगों और सरकार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति जाहिर की है, और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के तौर पर, भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद जारी रखेगा. हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है. जल्द ही कुछ और सामग्री भी भेजी जाएगी.
हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीम
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने काठमांडू सहित कई जिलों में भारी विनाश किया, जिससे 1300 से अधिक लोगों की मौत हो गई। भारत ने इस आपदा में सहायता के लिए 35 टन की राहत और बचाव सामग्री वाली आठवीं खेप भेजी है, जो काठमांडू पहुंचकर नेपाल के मंत्री को सौंप दी गई है। यह कदम भारत-नेपाल के आपसी सहयोग और मानवीय सहायता की परंपरा को दर्शाता है। ऐसी सहायता से प्रभावित लोगों को तुरंत भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता मिल सकती है, जिससे जीवनरक्षक कार्यों को गति मिलेगी और आपदा के बाद की पुनर्वास प्रक्रिया में मदद मिले